पुलवामा हमले के बाद पर्यटकों को तरसा कश्मीर,अन्य हिल स्टेशनों पर जाना पसंद कर रहे पर्यटक

पुलवामा हमले के बाद पर्यटकों को तरसा कश्मीर,अन्य हिल स्टेशनों पर जाना पसंद कर रहे पर्यटक

Prateek Saini | Updated: 25 Jun 2019, 09:46:08 PM (IST) Jammu, Jammu, Jammu and Kashmir, India

Jammu Kashmir Tourism: फरवरी 2019 में हुए पुलवामा हमले ( Pulwama Attack 2019 ) के बाद से पर्यटक जम्मू—कश्मीर ( Jammu Kashmir Tourism ) में आने से डर रहे हैं। धरती की जन्नत कहे जाने वाले कश्मीर को छोड़कर पर्यटक अन्य हिल स्टेशनों ( Heal Stations In India ) की ओर रूख कर रहे है...

(श्रीनगर) : फरवरी 2019, पुलवामा में हुए फिदायीन हमले ( pulwama attack 2019 ) ने पूरे देश को जख्म देने के साथ ही कश्मीर के पर्यटन ( jammu kashmir tourism ) की कमर तोड़ दी है। कश्मीर को छोड़कर, बाकि सभी हिल स्टेशनों जैसे उत्तराखंड में मसूरी ( Mussoorie ) और नैनीताल ( Nainital ) , हिमाचल प्रदेश में शिमला ( Shimla ) और मनाली ( Manali ), पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग ( Darjeeling ) , और सिक्किम में गंगटोक ( Gangtok ) पर्यटकों की पहली पसंद बन गए हैं। रिपोर्टस के अनुसार इस बार गर्मियों में पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के 3000 पंजीकृत होटलों में से 95 प्रतिशत और 1,340 पंजीकृत होम-स्टे पर्यटकों से भरे हुए हैं।


मनाली के एक ट्रैवल एजेंट ने कहा कि लगभग 2,000 टूरिस्ट रोजाना हिल स्टेशन पर आ रहे हैं। वहीं सप्ताहांत पर 4,000 से ज़यादा टूरिस्ट हिमाचल प्रदेश के हिल स्टेशन पर आते हैं। पर्यटकों की भारी आमद के कारण विभिन्न हिल स्टेशनों में अक्सर ट्रैफिक जाम हो जाता है। एटीएम के बाहर भी पर्यटकों की लंबी लाइन देखने को मिल रही है। ज्यादातर एटीएम जल्दी ही खाली हो जाते है।

 

Jammu Kashmir Tourism

पर्यटन के सहारे जम्मू—कश्मीर में लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा था। और राज्य को भी फायदा होता है। पर पुलवामा हमले के बाद सब चौपट हो गया है। बताया जाता है कि पुलवामा हमले के बाद फरवरी में, एक नकारात्मक अभियान कुछ अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एजेंसियों और नेटिज़ेंस द्वारा पर्यटकों को कश्मीर जाने से रोकने के लिए चलाया गया था। कुछ अंतरराष्ट्रीय ट्रेवल एजेंसियों ने पर्यटकों को कश्मीर के बजाए हिमाचल जैसे राज्य में जाने की सलाह दी। इसका परिणाम सामने है। कश्मीर में टूरिज्म पर गहरा असर पड़ा है। I

 

 

Jammu Kashmir Tourism

बढ़े हुए विमान किराया ने पर्यटकों की जेब पर असर डाला है। वहीं मौजूदा तनावपूर्ण हालात भी पर्यटन पर गहरा असर डाल रहे है। कश्मीर के ट्रेवल एजेंट्स का मानना हैं की हर साल नेशनल मीडिया द्वारा घाटी में नेगेटिव पब्लिसिटी की वजह से पर्यटक यहाँ आने से डर जाते हैं। उनका मानना हैं की कश्मीर एक ऐसी जगह हैं जहाँ टूरिस्ट खुद को बहुत सुरक्षित पाते हैं। बता दें जम्मू—कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मालिक ने भी यही यह बात मानी है कि नेशनल न्यूज़ चैनल्स की नेगेटिव पब्लिसिटी की वजह से कश्मीर टूरिज्म पीछे जा रहा हैं।


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