कानून बन जाने के बावजूद पति ने दिया तीन तलाक, पुलिस में एफआईआर दर्ज

(Jharkhand News ) पत्नी द्वारा मारपीट का (Husband give tripple talaq) विरोध किए जाने पर पीहर चले जाने से खफा होकर पति ने तीन तलाक दे दिया। तीन तलाक को गैरकानूनी (Illegal tripple talaq) घोषित किए जाने के बावजूद पति ने पत्नी को तीन बार तलाक (Wife regestred FIR) लिखित में भेज दिया। इसके विरूद्ध पीडि़ता ने पति और और उसके भाई के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। तीन तलाक देने के मामले में यह शहर में दूसरी एफआईआर है।

By: Yogendra Yogi

Published: 29 Sep 2020, 04:49 PM IST

जमशेदपुर(झारखंड): (Jharkhand News ) पत्नी द्वारा मारपीट का (Husband give tripple talaq) विरोध किए जाने पर पीहर चले जाने से खफा होकर पति ने तीन तलाक दे दिया। तीन तलाक को गैरकानूनी (Illegal tripple talaq) घोषित किए जाने के बावजूद पति ने पत्नी को तीन बार तलाक (Wife registered FIR) लिखित में भेज दिया। इसके विरूद्ध पीडि़ता ने पति और और उसके भाई के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। तीन तलाक देने के मामले में यह शहर में दूसरी एफआईआर है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि जुगसलाई महतो पाड़ा रोड निवासी रशीदा बेगम का निकाह वर्ष 2018 में आजाद नगर क्षेत्र के जाकिरनगर रोड निवासी हमबुल्लउा खान से हुआ था।

मारपीट कर घर से निकाला
महिला का पति विवाह के समय कतर में नौकरी करता था। निकाह के बाद हमबुल्ला कुछ दिनों रुकने के बाद वापस नौकरी करने कतर चला गया। उसके पीछे से रशीदा बेगम पर ससुराल वालों की ओर से अत्याचारों का सिलसिला शुरु हो गया। कम दहेज लाने के आरोप में उससे कई बार मारपीट की गई। काफी दिनों तक बर्दाश्त करने के बाद महिला ससुराल छोड़ कर पीहर आ गई। महिला और पीहर पक्ष के लोगों ने कई बार समझाईश से मामले को सुलझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद ससुराल वाले टस से मस नहीं हुए है। उन्होंने महिला के तमाम प्रस्तावों को दरकिनार कर दिया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीहर रहने के दौरान ही 10 अगस्त 2020 को जुगसलाई महतो पाड़ा रोड स्थित उसके घर पर एक पत्र आया। पत्र में रशीदा बेगम को तीन तलाक देने की बात लिखी गई थी। पानी सिर से गुजरने की स्थिति में महिला ने पति व उसके भाई के खिलाफ जुगसलाई थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। जिसमें प्रताडि़त कर घर से निकाले जाने और दहेज मांगने का मामला भी शामिल है। पुलिस ने नई धारा के तहत ही मामला अंकित किया है। इन धाराओं में केस : मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 के अलावा धारा 498 ए, 504/34 आईपीसी, 3/4 दहेज अधिनियम।

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