रेलवे कोच अब इन हजारों कर्मचारियों का होंगे नया ठिकाना

( Jharkhand News ) राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण देश भर में औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है। संकट की इस घड़ी में प्रतिष्ठित उद्योगपति रतन टाटा ( Ratan Tata ) ने साफ किया कि इस दौर में जान बचाना ही सबसे जरूरी है। इसी क्रम में टाटा कंपनी ने ( Tata Steel ) लॉकडाउन ( Lock down ) की अवधि में उत्पादन ( Production of Steel ) को जारी रखने और कंपनी को चालू रखने के लिए अनोखा प्लान तैयार किया है।

By: Yogendra Yogi

Published: 05 May 2020, 11:08 PM IST

जमशेदपुर(झारखंड)रवि सिन्हा: ( Jharkhand News ) राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण देश भर में औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है। संकट की इस घड़ी में प्रतिष्ठित उद्योगपति रतन टाटा ( Ratan Tata ) ने साफ किया कि 2020 में लाभ और हानि महत्वपूर्ण विषय नहीं है, बल्कि इस दौर में जान बचाना ही सबसे जरूरी है। इसी क्रम में टाटा कंपनी ने ( Tata Steel ) लॉकडाउन ( Lock down ) की अवधि में उत्पादन ( Production of Steel ) को जारी रखने और कंपनी को चालू रखने के लिए अनोखा प्लान तैयार किया है।

टाटा स्टील का प्लान
इस प्लान के तहत आने वाले दिनों में यदि जमशेदपुर में लॉकडाउन को लेकर सख्ती किया जाता है या कर्मचारियों के कंपनी से आने-जाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है, तो टाटा स्टील अपने कर्मचारियों को प्लांट में रख सकेगी। कर्मचारियों को रखने के लिए टाटा स्टील की ओर से दक्षिण पूर्ण रेलवे से यात्री ट्रेन के 22-22 कोचो वाले दो रैक एक महीने के लिए किराये पर उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है, ताकि जरुरत पडऩे पर टाटा स्टील के कर्मचारी को रेल के इसी कोच में ठहराया जा सके।

रेलवे 2 रैक देने का सहमत
जानकारी के मुताबिक टाटा स्टील अपने कर्मचारियों को लॉकडाउन सख्त होने या आपातकाल की स्थिति में प्लांट में ही रख सकेगी, जिससे कंपनी को चालू रखा जा सके। सूत्रों का कहना है कि रेलवे ने भी टाटा स्टील को कोच उपलब्ध कराने के लिए अपनी सहमती प्रदान कर दी है। बताया गया है कि टाटा स्टील के अनुरोध पर रेलवे ने टाटानगर कोचिंग यार्ड में 2 रैक को पूरी तरह टाटा स्टील को किराये पर देने के लिए तैयार भी कर लिया है। सभी कोच को सैनिटाइज भी किया जा चुका है।

रैक में होंगी सारी सुविधाएं
टाटा स्टील को जब भी आवश्यकता होगी रेलवे द्वारा रैक भेज दिया जायेगा। रेलवे के 2 रैक में कुल 36 स्लीपर कोच, 4 थर्ड एसी एवं 4 एसएलआर कोच शामिल है। इस कोच में लगभग ढाई हज़ार से ज्यादा कर्मचारी को रखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार इन कोच में जिन कर्मचारियों को ठहराया जायेगा उनके बीच सोशल डिस्टेंस का पालन किया किया जाएगा। इतना ही नहीं इन कोचो में पेयजल, बिजली से लेकर सभी सुविधा उपलब्ध रहेंगी।

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