मालामाल बनने की अफवाह ने ग्रामीणों की अच्छी-खासी मेहनत करा दी

(Jharkhand News ) किसी ने अफवाह फैला दी कि (Rumor in village ) जमीन के नीचे कोई ऐसी कीमती वस्तु दबी हुई कि (Precious metal in earth ) मिलने पर किस्मत बदल सकती है। बस फिर क्या था यह अफवाह आंधी बन गई और ग्रामीण लग गए अपनी किस्मत (Fate not changed ) बदलने। तीन दिनों तक दिन-रात खुदाई करने के बाद किस्मत तो नहीं बदली बल्कि हाथ-पैरों में छाले जरूर पड़ गए और सारी कवायद भी विफल साबित हुई।

By: Yogendra Yogi

Published: 23 Aug 2020, 07:11 PM IST

जमशेदपुर(झारखंड): (Jharkhand News ) किसी ने अफवाह फैला दी कि (Rumor in village ) जमीन के नीचे कोई ऐसी कीमती वस्तु दबी हुई कि (Precious metal in earth ) मिलने पर किस्मत बदल सकती है। बस फिर क्या था यह अफवाह आंधी बन गई और ग्रामीण लग गए अपनी किस्मत (Fate not changed ) बदलने। तीन दिनों तक दिन-रात खुदाई करने के बाद किस्मत तो नहीं बदली बल्कि हाथ-पैरों में छाले जरूर पड़ गए और सारी कवायद भी विफल साबित हुई।

खुदाई में जुटे आदिवासी
यह मामला है धनबाद जिले के बाघमारा ब्लॉक गंगापुर गांव का। दरअसल किसी ने अफवाह फैला दी कि जमीन के अंदर कोई कीमती चीज दबी हुई। इसे पाने से मालामाल हुआ जा सकता है। यह अफवाह इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीण बगैर सोचे-समझे कुदाल-फावड़ा लेकर खुदाई करने में जुट गए। चमत्कारी वस्तु की तलाश में राजगंज थाना क्षेत्र के गंगापुर लिलोरी मंदिर के पास अवस्थित हथसूंढ़ा में एक खाली पड़ी जमीन की खुदाई में आदिवासी समुदाय के लोग जुटे हुए हैं।

चट्टान निकलने से अटकी खुदाई
जहां गड्ढा खोदा जा रहा है, वहां चट्टान निकल आई है। इस कारण खुदाई का काम काफी धीमा पड़ गई है। दिन में भीड़ के कारण लोग अब सिर्फ रात में ही खुदाई का काम कर रहे हैं। गंगापुर, चिरूबेड़ा, राजा बांसपहाड़, महतोटांड़, गरीबडीह, लक्ष्मणपुर, नीमटांड़, 12 नंबर सहित आसपास के ग्रामीणों में इस बात की चर्चा है कि उस जगह कोई बड़ा खजाना गड़ा हुआ है।

तीन गांव के आदिवासी कर रहे हैं खुदाई
तीन गांव के आदिवासी समुदाय के लोग तीन दिन से इस विश्वास के साथ जमीन खोद रहे हैं कि यहां से जो चमत्कारी वस्तु निकलेगा, वह उनका जीवन बदल जाएगा। गंगापुर, राजा बांसपहाड़ व गरीबडीह के लोग पिछले तीन दिनों से दिन-रात एक किये हुए हैं। इन लोगों का कहना है कि 15 फीट नीचे कोई बेशकीमती चीज है, जिसका मिलना चमत्कारी साबित होगा। इस स्थान पर करीब 10-12 फुट गहरा व लगभग इतने ही चौड़े गड्ढे की खुदाई की जा चुकी है। अभी तक लोगों को कुछ हाथ नहीं लगा है।

कई तरह के कयास
इस मामले में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। भोले आदिवासियों की इस कवायद के पीछे कोई सिंडिकेट काम कर रहा है। हालांकि, इस सिंडिकेट का मकसद क्या है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. इसके तार कतरास, धनबाद से लेकर पश्चिम बंगाल तक जुड़े होने की चर्चा है। इधर, हाल के दिनों में एक महिला के यहां स्कॉर्पियो से आने और कुछ चुने हुए ग्रामीणों से मिलकर लौट जाने की भी चर्चा है। यह भी बताया जाता है कि उक्त सिंडिकेट ही खुदाई में जुटे लोगों को मजदूरी का भुगतान कर रहा है।

पुलिस ने रुकवाई खुदाई
बताया जाता है कि कुछ माह पहले एक व्यक्ति यहां आया था और ग्रामीणों को उक्त स्थल पर किसी चमत्कारी वस्तु होने की बात बतायी थी। कुछ लोग इसे देवी-देवताओं के आशीर्वाद से जोड़कर देख रहे हैं, तो कई लोग इसे अंधविश्वास भी बता रहे हैं। लेकिन, जिन लोगों ने जमीन की खुदाई का काम शुरू किया है, वे अपने काम में लगे हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि इस जमीन के नीचे से जो वस्तु निकलेगी, वह उनका जीवन बदल देगी। राजगंज थाना पुलिस के मुताबिक किसी धातु या कीमती वस्तु की खोज में जमीन की खुदाई की सूचना मिली है। पुलिस मौके पर पहुंची और खुदाई के काम को रोक दिया गया है। पुलिस मामले पर नजर रख रही है। पुलिस ने कहा कि लोग अंधविश्वास के चक्कर में पड़ कर यह कर रहे हैं।

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