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जब्त वाहनों की नीलामी से सरकारी खजाने में जमा हुए 64 लाख रुपए

locationजांजगीर चंपाPublished: Aug 27, 2022 08:37:11 pm

Submitted by:

Anand Namdeo

पुलिस लाइन जांजगीर में शनिवार को 645 पुलिस व आबकारी एक्ट के जब्त 61 वाहनों को मिलाकर 715 वाहनों की नीलामी को लेकर बोली लगाई गई। नीलामी को लेकर पुलिस लाइन परिसर में मेले सा नजारा दिखा। सुबह से लेकर शाम तक खूब गहमागहमी हुई। पुलिस द्वारा चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच नीलामी की प्रक्रिया पूरी कराइ्र गई। भीड़ के चलते सुबह से शुरु हुई प्रक्रिया देर रात तक चलती रही।

जब्त वाहनों की नीलामी से सरकारी खजाने में जमा हुए 64 लाख रुपए
नीलामी के दौरान वाहनों को जांच पड़ताल करते बोलीकर्ता
जांजगीर-चांपा. इस दौरान गाडिय़ां की नीलामी से पुलिस विभाग को ६४ लाख रुपए की आय हुई जो सरकारी खजाने में जमा होगी। गौरतलब है कि दो दशक से ज्यादा समय से विभिन्न अपराधों में जब्त वाहनों की नीलामी की गई। ६५४ पुलिस व आबकारी एक्ट के ६१ वाहनों को मिलाकर ७१५ वाहनों को अब नीलामी में शामिल किया गया था। नीलामी में बोली लगाने के लिए अमानत राशि १०-१० हजार रुपए जमा कराई गई थी और बोली प्रक्रिया में उन्हीं लोगों को शामिल होने दिया गया। बोली लगाने के लिए २५० से भी अधिक खरीददारों ने आवेदन जमा किए थे। ऐसे में पुलिस लाइन में मेले जैसा नजारा नजर आया। बोलीकर्ताओं को ही पुलिस के द्वारा अंदर जाने दिया गया। जितनी भीड़ नीलामी प्रक्रिया के दौरान अंदर थी उससे ज्यादा भीड़ बाहर लगी हुई थी।
देर शाम तक चलती रही प्रक्रिया
सुबह करीब १० बजे नीलामी की प्रक्रिया शुरु हुई। प्रथम चरण में १०-१० लॉट वाले वाहनों की नीलामी हुई। इसके बाद ६१ सिंगल वाहनों के लिए बोली लगी। नीलामी प्रक्रिया के दौरान ही पूरी राशि जमा कराई गई। जिससे प्रक्रिया देर रात तक चलती रही। एसपी विजय अग्रवाल ने भी पहुंचकर नीलामी प्रक्रिया का जायजा लिया। नीलाम करने के लिए पुलिस विभाग ने धारा २८ पुलिस एक्ट के तहत टीम गठित की थी। जिसमें जिला परिवहन अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक यातायात, तहसीलदार जांजगीर, महाप्रबंधक उद्योग विभाग रक्षित निरीक्षक, थाना प्रभारी व एमटीओ नीलामी प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहे। साथ ही पुलिस के जवान भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
कबाड़ी संचालक ज्यादा नजर आए सक्रिय
नीलामी प्रक्रिया में कबाड़ का व्यवसाय करने वाले संचालक ज्यादा सक्रिय नजर आए। बताया जा रहा है कि नीलामी में बड़ी संख्या में वाहनों की बोली इनके द्वारा लगाई गई। बता दें, पुलिस लाइन में जब्त ज्यादातर गाडिय़ां कंडम हो चुकी है जो सड़कों पर चलने लायक भी नहीं है। ऐसे गाडिय़ों को लोगों के द्वारा खरीदने में कोई रुचि नजर नहीं आई। इसीलिए पुलिस विभाग ने सिंगल वाहन के बजाए इसे १०-१० के लॉट में नीलामी के लिए रखा गया था।
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