ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का फैसला अब करेगा बोर्ड, बनेगी कमेटी

बदलाव: कमेटी में शामिल सदस्य करेंगे आवेदनों की जांच फिर मिलेगा लाइसेंस

जांजगीर-चांपा. ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में जल्द ही बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नई प्रक्रिया के तहत ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आए आवेदनों की जांच शासन द्वारा गठित अस्थायी लाइसेंस बोर्ड (कमेटी) करेगा। इस कमेटी में शासकीय और रिटायर्ड अफसर शामिल रहेंगे। कमेटी फैसले के बाद यह तय होगा कि लाइसेंस जारी करना है या नहीं।
दअरसल, लर्निंग और लाइट ड्राइविंग लाइसेंस के ट्रायल को लेकर अक्सर सवाल उठते थे। इसे देखते हुए शासन ने लाइसेंस बोर्ड बनाने का फैसला लिया है। इस प्रक्रिया में लाइसेंस की सभी प्रक्रिया बोर्ड की निगरानी और सहमति से की जाएगी। इस बदलाव के पीछे की वजह लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है। इस संबंध में जिले के आरटीओ दफ्तर में भी आदेश आ चुका है। अफसरों के मुताबिक कमेटी का गठन स्टेट लेबल पर होना है। कमेटी गठित हो जाने के बाद इसी प्रक्रिया से ड्राइविंग लाइसेंस जारी होंगे। इस कमेटी में रिटायर्ड अफसर, डॉक्टर और परिवहन एक्सपर्ट/अफसर शामिल रहेंगे।
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मोटरयान अधिनियम-नियम और ट्रैफिक संकेतों का ऑनलाइन टेस्ट लिया जाता है। इसके बाद १० प्रश्नों का ऑब्जेक्टिव टेस्ट होता है। इसमें पास होने के लिए आवेदक को कम से कम ६ प्रश्नों का उत्तर देना जरूरी रहता है। यह सब प्रक्रिया अभी अफसरों के सामने होती है पर आगे कमेटी के सामने होगी। वहीं परमानेंट लाइसेंस के लिए कमेटी के सामने वाहन चलाकर दिखाना होगा।

ऐसे होगी ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया
ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन को सारथी-४ सॉफ्टवेयर के माध्यम से इक्ट्ठा किया जाएगा। इसके बाद आरटीओ अफसरों द्वारा अशासकीय लाइसेंस कमेटी को सूचना दी जाएगी। आवेदनों की संख्या के हिसाब से टेस्ट का समय निर्धारित किया जाएगा। निर्धारित तिथि को आरटीओ अधिकारी-कर्मचारी आवेदनों को कमेटी के पास रखेंगे। यहां कमेटी के सामने आवेदकों का बारी-बारी से टेस्ट लिया जाएगा।

बदलाव से लाइसेंस मिलने में लगेगा समय
हालांकि प्रक्रिया में बदलाव करने से लाइसेंस मिलने के लिए आवेदकों को पहले से ज्यादा समय लग सकता है, क्योंकि अगर कमेटी हफ्ते में दो या तीन एकमुश्त आवेदनों की जांच करेगी तो आवेदन करने के बाद लोगों को टेस्ट के लिए कुछ दिन इंतजार करना होगा। जबकि अभी लर्निंग लाइसेंस सेम-डे भी बन रहा है।

वर्जन
अशासकीय लाइसेंस बोर्ड के संबंध में आदेश आ गया है। कमेटी का गठन स्टेट लेबल से होना है। इसके बाद कमेटी के सामने जांच की प्रक्रिया पूरी होगी। कमेटी की अनुशंसा के बाद फिर लाइसेंस जारी होंगे।
यशवंत यादव, डीटीओ जांजगीर-चांपा

Deepak Gupta
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