
CG liquor shop closed..(photo-patrika)
CG News: छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से संचालित शासकीय शराब बिक्री व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर के महाराणा प्रताप चौक स्थित शासकीय देशी शराब दुकान से खरीदी गई शराब में पानी मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। ( CG News ) जिसमें शिकायत के बाद मैनेजर द्वारा शराब की बोतल बदली गई। ऐसे में अगर आप भी शराब के शौकीन है तो सावधान हो जाएं।
जिले में शराब के साथ पानी की सुविधा मुफ्त मिल रही है। जी नहीं, सरकार ने ऐसी कोई स्कीम नहीं चलाई है, बल्कि शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों ने यह सेवा अपनी ओर से जोड़ रखी है। दुकान से खरीदकर शराब ले जाने के बाद उसमें पानी मिलाने की जरूरत ही महसूस नहीं होती, क्योंकि उसमें पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पानी मिलाई गई होती है। ऐसा ही एक मामला अकलतरा के देशी शराब दुकान में सामने आई है।
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ निवासी मनोज कश्यप ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ सोमवार की सुबह लगभग पौने 11 बजे शासकीय देशी शराब दुकान से तीन बोतल देशी शराब खरीदकर पास ही स्थित चखना सेंटर में पहुंचे थे। इस दौरान एक बोतल में शराब सामान्य पाई गई, जबकि शेष दो बोतल में शराब के स्थान पर पूरी तरह पानी निकला। मनोज ने बताया कि खरीदते समय दो शीशी के नीचले हिस्से की सील आधे से अधिक खुली हुई थी, जिसे उन्होंने उस समय नजरअंदाज कर दिया।
शराब पीते समय गड़बड़ी सामने आने पर उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत दुकान के मैनेजर से की। शिकायत के बाद दुकान के मैनेजर ने दोनों संदिग्ध बोतलों की जांच की और मौके पर ही उनमें भरे पदार्थ को फेंक दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता को एक नई बोतल शराब उपलब्ध कराई गई। जांच के दौरान मैनेजर द्वारा भी बोतलों में पानी होने की बात स्वीकार की गई।
उन्होंने इस मामले में दुकान प्रबंधन की संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा कि शराब ऊपर से ही मिलावट की स्थिति में आई होगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इससे पहले भी शराब में पानी मिलने की शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन शिकायतकर्ताओं को गंभीरता से नहीं लिया। राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित शराब बिक्री व्यवस्था में इस तरह की शिकायत पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी शहर में संचालित प्रीमियम शराब दुकान में मिलावट का मामला सामने आया था। जिसमें चार कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी। यहां तो अंग्रेजी शराब में पानी मिलाने का मामले आया था। इस घटना के बाद सवाल यह उठता है कि जब वहां तैनात कर्मचारी ही शराब में पानी मिला रहे हैं तो फिर आबकारी विभाग आखिर सुस्त क्यों बैठा रहता है।
जिम्मेदार आबकारी विभाग के अधिकारी कभी शराब दुकानों में निरीक्षण करने नहीं पहुंचते। इसलिए अधिकांश शराब दुकान में इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। अगर समय में निरीक्षण करने पहुंचते तो इसका खुलासा हो जाता। अकलतरा के इस शराब दुकान में लोग कई बार पानी वाली शराब मिलने की शिकायत कर चुके हैं। फिर भी निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। इससे स्पष्ट है कि उच्चाधिकारियों की सांठगांठ में यह सब काम हो रहा है।
आबकारी उपनिरीक्षक, युवरेश कुमार ने कहा कि शराब में पानी मिलने की जानकारी मिली है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
13 Jan 2026 06:14 pm
Published on:
13 Jan 2026 06:13 pm
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