script ढाबाडीह-टांगर के बीच कागजों में उलझा 5 करोड़ का हाईलेबल ब्रिज निर्माण | Construction of 5 crore high-level bridge between Dhabadih-Tangar enta | Patrika News

ढाबाडीह-टांगर के बीच कागजों में उलझा 5 करोड़ का हाईलेबल ब्रिज निर्माण

locationजांजगीर चंपाPublished: Feb 05, 2024 09:52:37 pm

Submitted by:

Anand Namdeo

लीलागर नदी में ढाबाहीह (कोसीर)-टांगर (विद्याडीह) के बीच उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का काम टेंडर प्रक्रिया के बीच ही उलझा हुआ है। इसके लिए दो बार टेंडर निकाला जा चुका है।

ढाबाडीह-टांगर के बीच कागजों में उलझा 5 करोड़ का हाईलेबल ब्रिज निर्माण
ढाबाडीह-टांगर के बीच कागजों में उलझा 5 करोड़ का हाईलेबल ब्रिज निर्माण
पहली बार निकाले गए निविदा में एक भी आवेदनकर्ता शामिल नहीं हुए। ऐसे में गत अक्टूबर माह में दूसरी बार टेंडर निकाला गया। इसमें दो निविदाकारों ने भाग लिया। लेकिन टेंडर ओपन नहीं हो पाया है। तीन माह गुजर जाने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसके चलते स्वीकृति मिलने के 10 आठ माह बाद भी हाईलेबल ब्रिज की नींव तक नहीं डल पाई है। गौरतलब है कि वर्ष 2021-22 के बजट में जांजगीर-चांपा जिला के ढाबाहीह (कोसीर)-टांगर (विद्याडीह) के बीच लीलागर नदी में हाईलेबल ब्रिज और सड़क निर्माण कार्य के लिए 5 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की थी। पूर्व क्षेत्रीय विधायक इंदू बंजारे के काफी प्रयास के बाद जाकर बजट में इसे शामिल किया गया था। स्वीकृति मिलने के बाद लोगों को खुशी की लहर थी क्योंकि इस हाईलेबल ब्रिज के बन जाने से दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन के लिए भारी सहूलियत होगी। स्वीकृति मिलने के बाद सेतु निगम के द्वारा अनुमानित लागत 442 लाख रुपए का स्टीमेट तैयार किया गया और टेंंडर निकाला गया। अब तक दो बार टेंडर निकाला जा चुका है लेकिन अब तक निर्माण कार्य कागजों में ही उलझकर रह गया है।

टेंडर में जितनी देरी, काम शुरू होने में उतनी ही देरी होती रहेगी


बताया जा रहा है कि द्वितीय निविदा में 6 अक्टूबर 2023 तक आवेदन मंगाए गए थे। इनमें दो निविदाकारों ने टेंडर भरा। लेकिन टेंडर ओपन नहीं हो पाया है। ऐसे में आगे की प्रक्रिया वहीं पर ही रूक गई है। टेंडर आगे कब तक खुलेगा, इस संबंध में स्थानीय स्तर पर सेतु निगम के अधिकारी भी अभी कुछ नहीं बता पा रहे हैं, क्योंकि निर्धारण राज्य स्तर से होगा। ऐसे में जितनी और देरी टेंडर प्रक्रिया में होगी, हाईलेबल ब्रिज का निर्माण उतना ही आगे खिसकते जाएगा। टेंडर फाइनल होने के बाद एग्रीमेंट समेत अन्य कागजी कार्रवाई होगी। तब जाकर काम आगे बढ़ेगा।

आजादी के बाद पहली बार बनेगा पुल


बता दें, ढाबाहीह (कोसीर)-टांगर (विद्याडीह) के बीच उच्च स्तरीय पुल से दस गांव के लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। ग्राम बोहरडीह, ढाबाडीह, कोसीर, जेवरा, जौरेला, सेमरिया, धनगांव, विद्याडीह, भुरकुंडा, गोडाडीह, सोडाडीह, बेल्हा, सुकुलकारी व आसपास ग्राम विकासखंड मुख्यालय को सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे।

-द्वितीय निविदा बुलाई गई है जिसमें दो निविदाकारों ने टेंडर डाला है पर दर ओपन नहीं हो पाया है। यह मामला राज्य स्तर का है। टेंडर की प्रक्रिया कब तक पूरी हो पाएगी, कुछ कह पाना मुश्किल है।
रमेश वर्मा, सेतु निगम

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