पिछले 10 साल से शहर के आउटर में कचरा डंप करने बनाई जा रही योजना गई कचरे के डब्बे में

अब तक शहर का कचरा शहर के खोखरा चौक के पास डंप किया जा रहा।

By: Shiv Singh

Published: 22 Aug 2017, 12:43 PM IST

जांजगीर-चांपा. शहर की आबादी 45 हजार। शहर का कचरा डंप करने के लिए शहर के आउटर में पिछले 10 सालों से ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरा डंप करने के लिए कई तरह की कार्ययोजना बनाई जा रही है। लेकिन अब तक शहर का कचरा शहर के खोखरा चौक के पास डंप किया जा रहा। हद तो तब हो गई जब नगरपालिका ने बदइंतजामी का सीमा लांघते हुए पूरे शहर का कचरा गल्र्स कालेज के पास डंप कर रहा है। जिसके चलते कालेज के छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कालेज की छात्राएं सढ़ांध बदबू से परेशान हैं। दिलचस्प बात यह है कि नगरपालिका के पदाधिकारी ही कालेज के शाला विकास समिति के पदाधिकारी हैं। इसके बाद भी कालेज परिसर की बदहाली को लेकर किसी को कोई सरोकार नहीं है।
पिछले दो दसक से नगरपालिका जांजगीर नैला का पूरा गंदगी शहर के आउटर यानी खोखरा चौक के श्रम पदाधिकारी कार्यालय के पास डंप किया जा रहा है। जबकि यहां शासकीय विभाग के आधा दर्जन कार्यालय संचालित होता है। यहीं पर ही टीसीएल कालेज है। कुछ दूर में जेल कंपाउंड है। पुलिस लाइन भी कुछ दूर में संचालित होता है। इसी तरह और भी कई कार्यालय संचालित होता है। इसके बाद भी शहर का पूरा कचरा यहीं पर डंप किया जा रहा है। जब यहां कचरे का पहाड़ लग गया तब नगरपालिका कचरा डंप करने के लिए गल्र्स कालेज परिसर को उचित स्थान बना रहा है। जिससे कालेज के छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है। शहर में हर रोज दर्जनों ट्रैक्टर कचरा निकलता है। जिसे कालेज परिसर के आसपास डंप किया जा रहा है। यह कचरा कालेज के छात्राओं के लिए महामारी लाने का न्योता दे रहा है। कचरे से निकले सड़ांध बदबू की वजह से छात्राओं को पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। जबकि छात्राओं ने इस बात की शिकायत कालेज के शिक्षकों को बयां कर चुके हैं। इसके बाद भी छात्राओं की सुनने वाला कोई नहीं है।

एसएलआरएम सेंटर का पता नहीं - ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरा डंप करने के लिए नगरपालिका ने दो साल पहले शहर के आसपास चार एसएलआरएम सेंटर स्थापना करने की बात कर रही है, लेकिन एसएलआरएम सेंटर का अब तक पता नहीं है। जिसके चलते शहर का कचरा शहर के आसपास ही डंप किया जा रहा है। यह रूट शहर का सबसे बड़ा व्यस्ततम रूट है। यहां से हर रोज तकरीबन लाखों लोग केरा रोड, पामगढ़ रोड के लिए आवागमन करते हैं। जिन्हें सड़ांध बदबू का शिकार होना पड़ता है।

 

पालिका को पता नहीं-  हद तो तब हो जा रही है जब शहर का कचरा कालेज के पास डंप किया जा रहा है और नगरपालिका के पदाधिकारियों को इस बात का पता भी नहीं है। इस बात की जानकारी लेने के लिए जब नगरपालिका के सीएमओ को फोन लगाया गया तब उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद नगर पालिका की अध्यक्ष को फोन किया गया पर उन्होंने ने भी फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा। नगर पालिका प्रबंधन की हालत यह है कि चाहे शहर की सफाई हो या विकास कार्य सभी में यहां के सीएमओ और जनता से चुनकर आने वाले प्रतिनिधि सिर्फ और सिर्फ कमीशन पर ध्यान देते हैं।

यहां बनना है एसएलआरएम सेंटर- ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरा डंप करने के लिए नगरपालिका ने नगर के आसपास ही चार एसएलआरएम सेंटर बनाने जा रहा है। पहला सेंटर तुलसी भवन के सामने बनना है। दूसरा जांजगीर के वार्ड नंबर एक खैरा के पास, तीसरा वार्ड नंबर खोखरा रोड के एफसीआई के पीछे तो चौथा वार्ड नंबर ४ में। इस काम को पालिका ने ठेके में दिया है। ठेकेदार ने अब तक केवल काम शुरू किया है। काम कब पूरा होगा इसकी गारंटी नहीं है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार दिवाली तक काम पूरा कर देगा, पर अब तक काम केवल कागजों में चल रहा।

गल्र्स कालेज के आसपास शहर का कचरा डंप होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो बहुत ही गलत है। इसकी जानकारी ली जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष गोस्वामी, उपाध्यक्ष, नगर पालिका जांजगीर नैला

Shiv Singh Desk
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