बाड़ी की सब्जियों को चट कर दिया तो किसान ने कर दी बकरी की बेदम पिटाई, थाने लेकर मालिक पहुंच गया रिपोर्ट लिखाने

किसान की बाड़ी में एक बकरी घुस गई और उसके सब्जियों को चट कर दिया। जिससे किसान गुस्से में उसकी बकरी की टांग तोड़ दिया।

जांजगीर-चांपा. सिटी कोतवाली थाने में मंगलवार की सुबह अजीबो गरीब मामला सामने आया। दरअसल, ग्राम भादा निवासी एक किसान की बाड़ी में एक बकरी घुस गई और उसके सब्जियों को चट कर दिया। जिससे किसान गुस्से में उसकी बकरी की टांग तोड़ दिया। पीड़ित बकरी मालिक ने मामले की रिपोर्ट लिखाने कोतवाली थाना पहुंच गया। पुलिस पहले बकरी की एमएलसी कराई फिर मामले में जुर्म दर्ज किया है।

कोतवाली पुलिस के अनुसार भादा गांव का संजय गोंड अपनी बकरी को चरा रहा था। इसी दौरान उसकी बकरी उसके चाचा संजय गोंड (रिपोर्ट कर्ता व आरोपी दोनों का नाम संजय गोड है ) अपनी बकरी को चरा रहा था। इसी दौरान उसकी बकरी उसके चाचा संजय गोड़ (रिपोर्टकर्ताव आरोपी दोनों का नाम संजय गोंड़ है) की बाड़ी में चली गई और सब्जियों को चर दी। जिससे संजय गोंड़ ने उसकी बकरी की टांग तोड़ दिया। संजय गोंड़ मामले की रिपोर्ट लिखाने बकरी को गोद में लेकर कोतवाली पहुंच गया।

पीड़ित का कहना है कि उसकी बकरी अभी गर्भवती है। आने वाले कुछ दिनों में कम से कम तीन चार बच्चों को जन्म देगी। ऐसे में उसकी नुकसान की भरपाई कौन करेगा पहले तो आरोपी से हर्जाना मांगा लेकिन आरोपी ने उसे हर्जाना देने से मना कर दिया। जिससे पीड़ित रिपोर्ट खिलाने पहुंच गया। पुलिस पहले बकरी को उसके मालिक के साथ एमएलसी के लिए पशु चिकित्सा विभाग लेकर गए। उसकी एमएलसी कराए। फिर बकरी को थाने में रखा गया। पुलिस का कहना है कि मामले में धारा 427 (नुकसान पहुंचाना) की कार्रवाई की जाएगी। फिर मामले को कोर्ट में भेजा जाएगा।

इसलिए पशु क्रूरता अधिनियम की कार्रवाई नहीं
कोतवाली टीआई लखेश केंवट ने बताया कि इस मामले में पशु क्रूरता अधिनियम की कार्रवाई नहीं की जा सकती। क्योंकि गौवंशीय किस्म के मवेशियों को मारने पर पशु कूरता अधिनियम की कार्रवाई की जाती है। बकरी गौवंशीय किस्म में शामिल नहीं है। यही वजह है कि कसाई बकरियों को मारकर विक्री करते हैं । यदि बकरी भी गौवंशीय किस्म में शामिल होती तो निश्चित ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती थी।

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Bhawna Chaudhary
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