कबाडिय़ों का पुलिस के साथ कैसा याराना, जानकर आप भी रह जाएंगे दंग, पढि़ए खबर...

-शिकायत के बाद भी पुलिस कबाडिय़ों पर कोई कार्रवाई नहीं करती। कबाडिय़ों पर कार्रवाई नहीं होने से चोरी की घटनाएं बढ़ी है

By: Vasudev Yadav

Published: 11 Dec 2017, 05:25 PM IST

जांजगीर.चांपा। अंचल में कबाड़ का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। कबाडिय़ों पर पुलिस की मौन स्वीकृति तब जाहिर होता है जब शिकायत के बाद भी पुलिस कबाडिय़ों पर कोई कार्रवाई नहीं करती। कबाडिय़ों पर कार्रवाई नहीं होने से एक ओर चोरी लूट की घटनाएं बढ़ती है वहीं काले कारोबार को भी बढ़ावा मिलता है।

जिले के हर छोटे बड़े शहरों में चोरी-छिपे कबाड़ का कारोबार हो रहा है। तेजी से हो रहे औद्योगिकरण के चलते कबाड़ का व्यवसाय होना स्वाभाविक है। पॉवर प्लांटों से भी बड़ी तादाद में कबाड़ निकलता है। जिससे अपराधी तत्व के लोग कबाड़ चोरी करते हैं। इन पर पुलिस की नजर नहीं पडऩे के कारण कारोबार दिन ब दिन बढ़ रहा है। सबसे अधिक डभरा क्षेत्र में चार-चार पावर प्लांट हैं, जिससे कबाड़ का व्यवसाय बढ़ रहा है, वहीं मुलमुला अकलतरा क्षेत्र में भी पावर प्लांट की संख्या अधिक होने से इस क्षेत्र में कबाड़ का कारोबार अधिक हो रहा है। केएसके वर्धा पावर प्लांट में सबसे अधिक कबाड़ की चोरी हो रही है, जो आसपास के गांवों में खप रहा है।

इसी तरह चांपा में भी पावर प्लांट, आयरन प्लांट व पेपर मिल होने से बड़ी मात्रा में कबाड़ निकलता है जो आसपास की दुकानों में खपता है। हर रोज की तरह पकरिया में एक कबाड़ को पुलिस ने पकड़ा था। वह पुलिस से सेटिंग कर फिर से कबाड़ का कारोबार करने लगा। हद तो तब हो गई जब वही कबाड़ी सोमवार को फिर मेटाडोर में कबाड़ खपा रहा था। मामले की सूचना मुलमुला पुलिस को दी गई। मुलमुला पुलिस अभी हाईकोर्ट में हूं कहकर कबाड़ी को पकडऩे की बजाए खुली छूट दे दिया। इससे साफ जाहिर होता है कि कबाडिय़ों का कारोबार पुलिस के शह में हो रहा है।

केवल दो के पास लाइसेंस
पुलिस के मुताबिक जिले में केवल दो लोगों के पास कबाड़ का लाइसेंस है। एक व्यवसायी चांपा में है तो दूसरा जांजगीर में है। इसके अवाला किसी के पास लाइसेंस नहीं है, लेकिन हर छोटे शहरों के अलावा गांवों में कबाड़ का कारोबार पुलिस के शह पर चल रहा है। पुलिस को शिकायत करने पर कहा जाता है कि पेपर व रद्दी बिक्री कर लोग जीवन यापन कर रहे हैं उन्हें क्या छेडऩा जबकि पुलिस पर ऐसे कारोबारियों से साठ-गांठ के आरोप हमेशा लगते रहते हैं।

-कबाड़ का कारोबार पर संबंधित थानेदारों द्वारा कार्रवाई की जाती है। शिकायत मिलने पर थानेदारों को ऐसे कारोबारियों में नकेल कसने कहा जाता है- पंकज चंद्रा, एएसपी

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