यदि आप भी दिनभर चिपके रहते हैं मोबाइल पर, तो ये खबर आपके लिए

Health camp: बेरा टेस्ट से मिली रिपोर्ट, 171 मरीजों को बहरेपन की शिकायत, जिले में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा श्रवण जागरूकता अभियान का किया गया आयोजन

जांजगीर-चांपा. यदि आप भी दिनभर मोबाइल से चिपके रहते हैं तो सावधान हो जाइए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए एक शिविर में 50 फीसदी मरीज ऐसे पाए गए जिनमें कान से संबंधित परेशानी सामने आई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में 171 मरीजों ने अपने नाक-कान-गला से संबंधित रोगों की जांच कराई। इसमें सभी मरीजों के नाक-कान-गला से संबंधित शिकायत पाई गई। डॉक्टरों ने शिविर में पहुंचे लोगों को मोबाइल का इस्तेमाल कम करने को कहा। मरीजों को समाज कल्याण विभाग द्वारा मरीजों को श्रवण बाधित यंत्र प्रदान किया गया। वहीं मरीजों को सलाह दी गई कि वे मोबाइल का इस्तेमाल कम करें, साथ ही गंदे तालाब में स्नान करने से बचने व सावधानीपूर्वक स्नान करने की सलाह दी। ।

मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल व प्रदूषण के चलते कई तरह की बीमारी शरीर में प्रवेश कर रहा है। इससे हमारे शरीर में कई तरह की बीमारी पांव पसार रहे हैं। कुछ इसी तरह की बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कैंप का आयोजन किया था।

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कैंप में जिले के तकरीबन 171 लोगों ने लाभ लिया, जिसमें कई लोगों को नाक-कान-गले से संबंधित रोगों का पता चला। 171 में 50 फीसदी मरीज ऐसे मिले जिन्हें कान से संबंधित रोग थे। इससे साफ जाहिर होता है कि मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से लोगों के कान में कई तरह की बीमारी आ रही है। वहीं ग्रामीण अंचल के लोगों के कान में तालाब के गंदे पानी के इस्तेमाल में स्नान करने से कान से संबंधित कई तरह की बीमारी सामने आई।

पखवाड़े भर चला शिविर
तीन मार्च से 17 मार्च के बीच विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर श्रवण जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के नोडल अफसर डॉ. संदीप साहू थे। वहीं ऑडियोलॉजिस्ट नमिता कुर्रे के द्वारा ऑडियोलॉजी व बेरा टेस्ट का आयोजन किया गया।

-विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर श्रवण जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इसमें 171 मरीजों के नाक-कान-गला की जांच की गई। सभी मरीजों में कई तरह की शिकायत पाई गई। लोगों को जागरूक करने के लिए कई उपाए बताए गए। -डॉ. संदीप साहू, इएनटी विशेषज्ञ, जिला अस्पताल

दी गई सलाह
-मोबाइल का इस्तेमाल कम करें।
-तालाब के गंदे पानी में स्नान करने से बचें।
-डीजे जैसे अन्य शोर वाले स्थान से दूर रहें।
-लाउडस्पीकर से दूर रहें।
-बच्चों को तालाब में स्नान कराते वक्त सावधानी बरतें।

Vasudev Yadav
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