सीजी बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं का गृह मूल्यांकन शुरू, 500 उत्तरपुस्तिका शिक्षकों के घर पहुंची

CG Board: 10 दिन में जांचकर भेजना है वापस, हायर सेकेण्डरी की 35 हजार कॉपी मूल्यांकन के बाद हाईस्कूल कॉपी का किया जाएगा मूल्यांकन

By: Vasudev Yadav

Published: 23 Apr 2020, 01:46 PM IST

जांजगीर-चांपा. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते पहली बार 10वीं व 12वीं बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन (Evaluation) शिक्षक घर से ही करेंगे। बुधवार को हाईस्कूल क्रमांक दो से 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं को पहले शहर फिर आसपास के नगरीय क्षेत्रों में पहुंचाने का सिलसिला चलता रहा। शिक्षक जिस पते पर भी रहते हैं, उनके घर तक माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की गाड़ी उत्तरपुस्तिका लेकर पहुंची।

गाड़ी में उत्तरपुस्तिका के साथ तीन लोग भी पहुंचे। इसमें एक चपरासी व द्वितीय श्रेणी कर्मचारी शामिल रहे। जिला में मंगलवार को पहले दिन शहर के मूल्यांकनकर्ताओं (वेलुवर) के घर उत्तपुस्तिका भेजी गई। इसके बाद दूसरे दिन बुधवार को आसपास के नगरीय क्षेत्र बलौदा, अकलतरा भेजी गई। इसमें सबसे बड़ी समस्या इंनरनेट की आ रही है। इसलिए पहले शिक्षकों को नेट चलने की जानकारी पूछी जा रही है। इसके बाद संबंधित शिक्षक के घर कापी भेजी जा रही है। क्योंकि उत्तरपुस्तिका मिलने के साथ ही सबसे पहले नेट से कापी की जानकारी संबंधित शिक्षकों को भरना पड़ेगा।

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इसके अलावा आनलाइन मॉडल आंसर भी निकालना है। इसलिए पहले इंटरनेट चलने की जानकारी पूछी जा रही है। जहां इंटरनेट चल रहा है। वहीं वर्तमान में कापी भेजी जा रही है। पहले 12वीं का मूल्यांकन करना है। इसके बाद 10वीं के कापी का मूल्यांकन होना है। वर्तमान में 12वीं के 35 हजार कापी जिले में पहुंच चुकी है। इसके मूल्यांकन के बाद दसवीं का मूल्यांकन शुरू होगा। विभाग द्वारा मूल्यांकन शुरू करवाने से पहले जिलेभर में विषय विशेषज्ञों की तलाश की गई थी, अंग्रेजी विषय के शिक्षक नहीं मिल रहे थे। हालांकि बाद में मिल गया। 500 कापी के हिसाब से शिक्षकों को 10 दिन कापी जांचने निर्देशित किया गया है।

गड़बड़ी होने पर होगी एफआईआर दर्ज
डीईओ केएस तोमर ने बताया कि उत्तरपुस्तिका की जांच के दौरान किसी भी तरह से गोपनीयता भंग नहीं होनी चाहिए। इसको लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है। अगर किसी भी उत्तरपुस्तिका में कोई गड़बड़ी उजागर होती है तो संबंधित मूल्यांकनकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। उन्हें घर में जांचने पर पूरी सावधानी बरतने कहा गया है।

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पहले मोबाइल प्रतिबंधित व कैमरे की निगरानी में होता था मूल्यांकन
अब तक बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन का काम नोडल केन्द्रों में ही होता था। जहां सभी शिक्षक निर्धारित दूरी पर बैठकर कैमरे की निगरानी में मूल्यांकन करते थे। इस मूल्यांकन के दौरान पूरी तरह से गोपनीयता बरती जाती थी। उन्हें मोबाइल लेकर जाने पर भी प्रतिबंध था और ना ही इस दौरान कोई बाहरी व्यक्ति केन्द्र में प्रवेश कर पाता था। शिक्षक ही बाहर नहीं निकल पाते थे। भले ही अफसर कह रहे है गोपीनीयता का कोई खतरा नहीं है, लेकिन चुनौती है कि कैसे घर में गोपनीय तरीके से कापी जांचेेंगे।

मूल्यांकन में आएगी यह समस्या
पहले तो किसी भी शिक्षक के पास मॉडल आंसर नहीं भेजा गया है। इसको आनलाइन निकालना है। वर्तमान में कोई भी फोटो-काफी दुकान नहीं खुला है इससे समस्या आएगी। इसके अलावा दुकान बंद होने की वजह से शिक्षकों को लालपेन भी नहीं मिल रहा है। पहले उत्तरपुस्तिका की दो बार जांच होती थी। पहले वेल्वर फिर उसके बाद हेड वेल्वर द्वारा किया जाता था। अभी तो मात्र एक वेल्वर ही जांच करेंगे।

- बोर्ड की उत्तरपुस्तिका को मूल्यांकन के लिए शिक्षकों के भेजा जा रहा है। पहले दिन शहर में शिक्षकों के घर भेजा गया। जहां इंटरनेट की समस्या है वहां फिलहाल नहीं भेज रहे है। पहले शिक्षकों को पूछ रहे हैं फिर कापी भेजा जा रहा है। 12वीं की 35 हजार कापी जांचने के बाद 10वीं का मूल्यांकन शुरू किया जाएगा।
जीपी चौरसिया, मूल्यांकन प्रभारी

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