हादसे को न्यौता: छह माह में भी नहीं बन पाई कलेक्टोरेट मार्ग में दो किलोमीटर की सडक़

हादसे को न्यौता: छह माह में भी नहीं बन पाई कलेक्टोरेट मार्ग में दो किलोमीटर की सडक़

Vasudev Yadav | Publish: Apr, 17 2019 12:54:34 PM (IST) Janjgir Champa, Janjgir Champa, Chhattisgarh, India

आए दिन लोग हो रहे दुर्घटना के शिकार, निर्माण के दौरान मिक्सर मशीनों को सडक़ के बीच खड़ी कर नाली का निर्माण

जांजगीर-चांपा. जिला मुख्यालय का कलेक्टोरेट मार्ग जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले छह माह से साढ़े नौ लाख की लागत से निर्माणाधीन सडक़ मार्ग का कार्य इतनी मंथर गति से हो रहा है कि यह मार्ग मौत का मार्ग साबित हो रहा है।
दरअसल इस मार्ग में अभी भी काम चल रहा है। सडक़ मार्ग में इन दिनों नाली का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मिक्सर मशीन को बीच सडक़ में ही खड़ी कर सीमेंट, गिट्टी, रेत की मिक्सिंग की जा रही है। सडक़ पर मिक्सर मशीन होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मशीन से टकराकर लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। हर बार की तरह मंगलवार की सुबह ११ बजे बाइक चालक मशीन से टकरा गया। जिससे उसकी मौत होते -होते बची। बाइक चालक के पांव फै्रक्चर हो गए। उसे गंभीर अवस्था में बिलासपुर सिम्स रेफर किया गया है। जिला मुख्यालय का कलेक्टोरेट मार्ग जिले के लोगों के लिए किसी सौगात से कम नहीं लग रही। इस मार्ग में तकरीबन ८० फीसदी काम पूरा हो चुका है। सडक़ निर्माण के बाद इस मार्ग में अब नाली का निर्माण किया जा रहा है। नाली निर्माण की कछुआ चाल लोगों के लिए जी का जंजाल साबित हो रहा है। दरअसल, नाली निर्माण के लिए इस मार्ग के हर चार कदम में दर्जनों मिक्सर मशीन लगाई गई है जो लोगों के लिए काल साबित हो रहा है। मिक्शर मशीन को बीच सडक़ में ही अड़ाकर रख दिया गया है। जिसमें लोगों को आवागमन के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मंगलवार की सुबह ११ बजे दीपक प्रकाश अपने बच्चों को बाइक में बिठाकर हसदेव विहार कालोनी अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान मिक्सर मशीन के करीब जाम लग गई थी। मिक्सर मशीन का संचालक अचानक मशीन की दिशा को मोड़ दिया। जिससे मशीन उनकी बाइक से जा टकराई। जिससे उसका पांव फै्रक्चर हो गया। शुक्र है मशीन बच्चों को नहीं लगी। नहीं तो बड़ी घटना घट सकती थी। दीपक प्रकाश को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें सिम्स रेफर किया गया है। इस तरह की स्थिति कोई नई बात नहीं है। यहां आए दिन इस तरह की घटना आम हो चुकी है।

दर्जनभर ठेकेदारों को पेटी में बांट दिया है काम
चंद दूरी की सडक़ किनारे नाली निर्माण के लिए दर्जनभर ठेकेदारों को काम बांट दिया गया है। ये ठेकेदार मनमानी पूर्वक काम कर रहे हैं। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जबकि इस रूट में डिस्ट्रिक्ट जज, कलेक्टर एसपी, सीईओ सहित तमाम वीआई वर्ग के लोग चौबीसों घंटे आवागमन कर रहे हैं। इसके बाद भी सडक़ के कामों की मॉनिटरिंग करने वाला कोई नहीं होता। दिलचस्प बात यह है कि विभागीय इंजीनियरों का भी इस मार्ग में पता नहीं चलता। यही वजह है कि ठेकेदार मनमानीपूर्वक काम कर रहे हैं और हादसों का शिकार बन रहे हैं।

रात में आवागमन हो जाता है और खतरनाक
इस मार्ग में रात को चलना खतरों से खाली नहीं है। दरअसल इस मार्ग में रात को विद्युत की व्यवस्था नहीं की गई है। पहले इस मार्ग में रोशनी की व्यवस्था थी, लेकिन सडक़ निर्माण के बाद पोल शिफ्ंिटग का कार्य हुआ। तब से इस मार्ग में विद्युत की व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके चलते इस मार्ग में घुप्प अंधेरा रहता है। जिससे लोग दुर्घटना के शिकार होते हैं। जबकि इस मार्ग में पहले कई बार मौत भी हो चुकी है। सात साल पहले नगर के एक पटवारी की सडक़ हादसे में मौत हुई थी। इसी तरह एक अन्य व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

कलेक्टोरेट मार्ग में सडक़ निर्माण का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। सडक़ में ठेकेदारों द्वारा बेतरतीब ढंग से मिक्सर मशीन रखे हैं उन्हें सिस्टमेटिक रखने कहा जाएगा। ताकि दुर्घटना की आशंका न हो। इस मार्ग में बिजली की व्यवस्था भी बहुत जल्द की जाएगी।
-अमित कश्यप, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी

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