मोतियाबिंद ऑपरेशन के मामले में जांजगीर-चांपा जिला प्रदेश में चौथे पायदान पर

मोतियाबिंद ऑपरेशन के मामले में जांजगीर-चांपा जिला प्रदेश में चौथे पायदान पर

Vasudev Yadav | Publish: Apr, 17 2019 07:24:12 PM (IST) Janjgir Champa, Janjgir Champa, Chhattisgarh, India

राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम में जिले का बेहतर प्रदर्शन, लक्ष्य से ज्यादा मरीजों का इलाज

जांजगीर-चांपा. राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के मामले में जांजगीर-चांपा जिले को इस बार प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। रायपुर, बिलासपुर जैसे महानगर के बाद जांजगीर-चांपा जिले में सबसे ज्यादा मरीजों का सफल ऑपरेशन हुआ है। कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव जैसे बड़ों शहरों से भी ज्यादा मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन जिले में हुआ है। सालभर में जिले में ५ हजार २८० मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन किया गया। जिले में लक्ष्य से १७ प्रतिशत अधिक मरीजों का ऑपरेशन किया गया।
हाल ही में राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम का जिलावार रिपोर्ट जारी हुआ है। इसमें जांजगीर-चांपा जिले ने ११७. ४० प्रतिशत अचिवमेंट हासिल किया है। जिले में १ अप्रैल २०१८ से लेकर ३१ मार्च २०१९ के दौरान कुल ५ हजार २८० मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन किया गया। हालांकि इस उपलब्धि के पीछे सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पताल, सामाजिक संस्थाओं की भी काफी मेहनत है। निजी और सेवाभावी संस्थाओं द्वारा भी सालभर कैंप लगाकर ऐसे मरीजों का ऑपरेशन किया गया। जिसकी मदद से जांजगीर-चांपा ने न केवल लक्ष्य हासिल किया बल्कि लक्ष्य से ज्यादा मरीजों का इलाज कर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। पहले स्थान पर राजधानी रायपुर है जहां सालभर में कुल ३० हजार ४१५ मरीजों का ऑपरेशन हुआ। दूसरे स्थान पर बिलासपुर है जहां १९ हजार ३९४ तो तीसरे स्थान पर सरगुजा है जहां ५५७० मरीजों की जिंदगी में दोबारा रोशनी लौटी।

४५०० मरीजों का लक्ष्य, ५२८० मरीजों का हुआ ऑपरेशन
राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के लिए जांजगीर-चांपा जिले के स्वास्थ्य विभाग को ४५०० मरीजों का वार्षिक लक्ष्य दिया था। इसे सरकारी अस्पतालों और सामाजिक संस्थानों के माध्यम से पूरा करना था। इस अवधि में कुल ५२८० मरीजों के ऑपरेशन कर उनकी जिंदगी में दोबारा रोशनी लौटाई गई। इस तरह लक्ष्य से १७ प्रतिशत अधिक मरीजों का ऑपरेशन जिले में हुआ।

जिला अस्पताल में बढ़ रही सुविधा, रोज हो रहे ऑपरेशन
एक तरफ जिले में जहां मोतियाबिंद के मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है। वहीं जिला अस्पताल में भी मोतियाबिंद के ऑपरेशन को लेकर संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। हाल ही में यहां एक आटोमेटिक ए स्कैन मशीन आई है तो दूसरी नई मशीन भी जल्द आने वाली है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन अभी मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है।

वर्जन
राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत जांजगीर-चांपा जिला में बेहतर काम हुआ है। लक्ष्य से ज्यादा मोतियाबिंद के मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। जिसके कारण प्रदेश में हमें चौथा स्थान मिला है। इस साल भी लक्ष्य से बेहतर काम करने पूरा प्रयास है।
डॉ. मनोज राठौर, नोडल आफिसर राष्ट्रीय अंधत्व निवारण जांजगीर-चांपा

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