एनआईटी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन, राजशेखर को मिला बेस्ट टॉपर अवार्ड

एनआईटी

रायपुर. एनआईटी रायपुर द्वारा पॉवर कंट्रोल एवं कंप्यूटर तकनीकी पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन रविवार को हो गया। कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया, जहां छह सेशन में इंजीनियङ्क्षरग स्टूडेंट्स द्वारा 92 शोध पत्र रखे गए। इसमें छह शोध पत्रों को अवार्ड के लिए चुना गया। नागपुर एनआईटी से ग्रिड इनवर्टर पर पीएचडी कर रहे छात्र केएस राजशेखर को बेस्ट टॉपर अवार्ड दिया गया। राजशेखर ने पत्रिका से खास बताचीत में बताया कि उन्होंने बिना रुकावट के बिजली सप्लाई को लेकर अपना रिसर्च पेपर रखा था। उन्होंने इसमें बताया कि यदि अल्टनेटर में थोड़े से बदलाव किए जाएं तो सोलर पैनल से बिजली की सप्लाई ग्रिड और इन हाउस दोनों जगह निरंतर हो सकती है। उन्होंने कहा अभी कई बार ऐसा होता है कि यदि पॉवर सप्लाई डिस्कनेक्ट हुई तो घर में बिजली भी बंद हो जाती है, लेकिन उनकी टेक्निक को अपनाने से ऐसा नहीं होगा। रायपुर में पहली बार यह इंटरनेशनल कॉन्फेंस एनआईटी रायपुर के इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट और आईईईई मुंबई के सहयोग से आयोजित किया गया है। सम्मेलन में देश विदेश के सम्मानित संस्थानों से आए गणमान्य प्राध्यापकों के व्याख्यान हुए। इसमें युनिवर्सिटी ऑफ मलेशिया के डॉ. साद मेखिलेफ, फ्यूचर यूनिवर्सिटी इन इजिप्ट के डॉ. अब्देलाजिज, यूनिवर्सिटी ऑफ सारजाह के डॉ. रमेश बंसल, कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ कंकॉर्डिया के डॉ. अक्षय राठौर ने पॉवर कंट्रोल एवं कंप्यूटर तकनीकी पर जानकारी दी। इस दौरान ट्रिपल आईटी नया रायपुर के निदेशक डॉ. प्रदीप सिन्हा ने कीनोट स्पीच दिया। उन्होंने ग्रीनिंग ऑफ एचपीसी ( हाई परफोर्मेंस कम्प्यूटिंग या सुपर कम्प्यूटिंग) के बारे में बताया। उन्होंने कहा कोई भी देश जो विश्व का नेतृत्व करना चाहता है उसे सर्वप्रथम सुपर कंप्यूटिंग के क्षेत्र में नेतृत्व करना होगा। इस दौरान कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर लिमिटेड के संजीव जैन, कैरियर डेवलपमेन्ट सेल के अध्यक्ष डॉ. समीर बाजपेई, एनआईटी के डीन एकेडमिक्स डॉ. शिरीष वर्मा, डॉ. ललित साहू, डॉ. पीके सिन्हा, डॉ. केडी दीवान, डॉ. शुभ्रता गुप्ता एवं डॉ. नरेंद्र डी लोंधे आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।

एसपीएम का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों में भी संभव

सम्मेलन के तीसरे दिन कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ कंकॉर्डिया से आए डॉ. अक्षय राठौर ने सिंगल रेफरेंस सिक्स पल्स माड्यूलेशन फॉर हाई फ्रिक्वेंसी पलसेटिंग डीसी लिंक थ्री फेज इनवर्टर टॉपिक पर अपनी बात रखी। उन्होंने थ्री फेज इनवर्टर और मौजूदा डीसी लिंक इनवर्टर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सिक्स पल्स माड्यूलेटिंग (एसपीएम) तकनीक उसके डिजाइन एवं ऑपरेशन के बारे भी बताया। उन्होंने बताया कि एसपीएम एक मॉड्यूलर होता है। इसे आसानी से इंटरलीव किया जा सकता है। इसे हाई पॉवर एप्लीकेशंस के लिए भी स्केल किया जा सकता है। इसकी एफिशियंसी 30 केवी लोड के लिए लगभग 94 फ़ीसद तक होती है। उन्होंने बताया कि पॉवर इनवर्टर का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, टेलीकॉम एवं थ्री फेज यूपीएस में किया जा सकता है।

sandeep upadhyay Reporting
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