रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ लोक महोत्सव का समापन

लोगों को यहां की संस्कृति और कृषि की नई तकनीकियों से जोडऩा इस कृषि मेला और महोत्सव का उद्देश्य है।

By: Rajkumar Shah

Published: 10 Feb 2018, 10:51 AM IST

जांजगीर-चांपा. रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बिलासपुर संभाग के कमिश्नर टीसी महावर ने कहा जांजगीर-चांपा सर्वाधिक सिंचित और दो फसली जिला है।

किसानी के लिए यह क्षेत्र आदर्श है। इस दृष्टि से कृषि एग्रीटेक मेला किसानों के लिए काफी उपयोगी है, यहां उन्हें नई-नई कृषि तकनीकी और उन्नत खेती-किसानी की विधियों की जानकारी विशेषज्ञ कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से दिया जाता है।


महावर ने कहा कि आधुनिक कृषि विधियों के प्रयोग से छोटी जगह में फसल उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। जैविक विधियों से भी बहुत अच्छी फसल होती है। लोगों को यहां की संस्कृति और कृषि की नई तकनीकियों से जोडऩा इस कृषि मेला और महोत्सव का उद्देश्य है।

किसान अपनी जमीन पर किस तरह सब्जी लगाकर अधिक फायदा ले सकें, इसके लिए विकासखण्ड वार क्लस्टर बनाकर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। महावर ने कहा कि किसान फसल चक्र को अपनाकर अधिक फायदा प्राप्त कर सकते हैं। एग्रोफिशरी, खेती और कुक्कुट, बतख पालन से भी किसानों को काफी अच्छा फायदा मिल सकता है। उन्होंने धमतरी, सरगुजा, सूरजपुर सहित अनेक जगहों पर सब्जी और फलों के अधिक उत्पादन से किसानों को हुए लाभ का उल्लेख किया।

इस अवसर पर विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र की वजह से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समापन समारोह में शामिल नहीं हो सके। इसलिए उन्होंने किसानों और आम नागरिकों के लिए संदेश भेजा है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कृषि मेला और लोक महोत्सव के लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे हर वर्ष इस महोत्सव का इंतजार करते हैं, लेकिन बजट सत्र में अधिक व्यवस्ता के कारण आज नहीं आ पाये। महोत्सव में शामिल नहीं हो पाने के लिए उन्होंने आम नागरिकों और किसानों से क्षमा भी मांगी है। चंदेल ने बताया कि सांसद कमला देवी पाटले समापन समारोह में शामिल होने वाली थीं, लेकिन दिल्ली में संसद सत्र में उनकी उपस्थिति अनिवार्य होने के कारण वे भी नहीं आ पाई। इसके बाद चंदेल ने कहा कि मिट्टी की तासीर, आबों-हवा, और पानी की उपलब्धता के अनुसार किस तरह की आधुनिक खेती की जाये, इनकी जानकारी मेले में कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से मिलती है।

कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने कहा कि जांजगीर चांपा कृषि प्रधान जिला है। उन्नत तकनीक के प्रयोग से किसानों की आय को दोगुनी करने के बारे में जानकारी देना और जिलेवासियों का मनोरंजन इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।

इस अवसर पर कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों को आत्मा योजना के तहत 10-10 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया। समारोह में नगरपालिका परिषद जांजगीर-नैला की अध्यक्ष मालती देवी रात्रे, चांपा नगरपालिका के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल , पुलिस अधीक्षक नीथू कमल सहित जिले के कई जनप्रतिनिधि, किसान और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मिला कैरियर मार्गदर्शन
जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला के अंतिम दिन कैरियर मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मोटिवेशनल स्पीकर एवं लेखक डॉ. उज्जवल पाटनी ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस कार्य में मन लगता है, उसे ही जीवन का लक्ष्य बनाना चाहिए। ऐसे काम में थकावट का आभास नही होता। निरंतर एक ही दिशा में कार्य करने से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने झिझक को सफलता में बाधक बताया। व्यक्तित्व विकास के संबंध में अनेक जानकारियां दी। डॉ. पाटनी ने प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन के सरल तरीके बताए।

Rajkumar Shah Reporting
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