बेमौसम बारिश से भीगा करोड़ों का धान, अधिकांश केन्द्रों में खरीदी बंद

Paddy News: बेमौसम बारिश से जिले के खरीदी केन्द्रों में प्रभारी के लापरवाही से करोड़ों का धान भीग चुका है। केन्द्रों में पानी भर गया है। इससे धान खरीदी प्रभावित हो रही है।

जांजगीर-चांपा. पिछले तीन दिनों से जिले में धान खरीदी नहीं हो पा रही है। जिले के 80 प्रतिशत केन्द्रों में खरीदी पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। अब किसान धान बेच नहीं पा रहे हैं। टोकन कट चुका है उस किसानों का टोकन को रि-शेड्यूल कर दिया गया है। खराब मौसम की स्थिति आसमान में पिछले माह भर से बनी हुई है, फिर भी धान खरीदी केन्द्रों में रखे धान की सुरक्षा को लेकर विभाग और प्रभारियों ने सक्रियता नहीं दिखाई। जिले के 209 खरीदी केन्द्रों में समर्थन मूल्य में एक दिसंबर से धान खरीदी का काम शुरू किया गया। अन्य वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष धान खरीदी लेट से शुरू किया गया है।

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शुरूआत में किसानों की संख्या खरीदी केन्द्रों में कम पहुंच रही थी। धीरे-धीरे संख्या लगातार बढ़ रही थी। लेकिन ऐन वक्त में खरीदी प्रभारी व विभाग के लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले माह भर से मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। जिले में इसका नतीजा यह रहा कि पिछले दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने परेशानी पैदा कर दी है।

बेमौसम बारिश से भीगा करोड़ों का धान, अधिकांश केन्द्रों में खरीदी बंद

जिले के लगभग 80 प्रतिशत खरीदी केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे रखे लगभग 22 लाख क्ंिवटल धान में पानी की बौछारें पड़ी है। ऐसे में समिति प्रबंधकों ने आनन-फानन में कैप कवर से ढंककर धान को सुरक्षित करने का प्रयास किया, पर वे प्रयास नाकाफी है। जितना धान रखा है उस एवज में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। दूसरी ओर बारिश के दौरान 80 प्रतिशत धान खरीदी केन्द्रों में खरीदी बंद करनी पड़ी। धान खरीदी पेंड्री का पत्रिका ने जायजा लिया तो वहां की स्थिति देखकर दंग रह गए। यहां खेत में खरीदी का काम किया जा रहा है। कुछ धान के लिए ही स्टेग बना हुआ है। बाकी सभी धान सीधे जमीन में रख दिया गया है।

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इस वजह से बारिश के कारण धान भीग गया है। पानी भरा हुआ है, जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो धान में अंकुरित होने की संभावना है। ऐसा ही स्थिति जिले के 80 प्रतिशत धान खरीदी केन्द्रों की स्थिति है। यहां एक जनवरी से धान खरीदी केन्द्र बंद पड़ा हुआ है।

परिवहन की देरी डाल रहे परेशानी में
खरीदी केन्द्र प्रभारियों का कहना है कि विभाग द्वारा परिवहन में देरी किया गया है इसका खामियाजा है कि खरीदी बंद करना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि जल्द परिवहन करने के संबंध में सक्ती क्षेत्र के खरीदी प्रभारियों द्वारा पहले ही ज्ञापन सौंपा जा चुका था। इसके बावजूद विभाग के अलावा प्रशासन भी इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।

अब तक 22 लाख क्ंिवटल धान जाम
जिले के 209 धान खरीदी में अब तक 32 लाख क्ंिवटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से मात्र 12 लाख क्ंिवटल धान का ही उठाव हो पाया है। अभी भी विभिन्न धान खरीदी में 22 लाख क्ंिवटल धान जाम पड़ा हुआ है। उठाव की रफ्तार बहुत धीमी है। जबकि शासन ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि 72 घंटे में उठाव किया जाए। बावजूद यह केवल कागजों तक सिमट कर रह गया।

-जहां शेड व स्टेग नहीं बनाया गया है। खेत में धान खरीदी किया जा रहा है। वहां खरीदी प्रभावित हुआ है। बाकी केन्द्रों में धान खरीदी चल रही है। सुनील राजपूत, डीएमओ

Vasudev Yadav
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