इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की सोच पर बने मॉडल देख चकित हुए लोग

* रोबोफेस्ट 2020 के आयोजन में रखे गए रोबोट व अन्य मॉडल्स

रायपुर. एनआईटी के रोबोटिक्स क्लब की ओर से रोबोफेस्ट 2020 के आयोजन किया गया। इसके तहत रविवार को डीडी ऑडिटोरियम में एनआईटी रायपुर सहित बीआईटी दुर्ग और जीसी बिलासपुर सहित अन्य कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने अपने द्वारा बनाए गए रोबोट व मॉडल पेश किए। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे इन बच्चों ने अपनी सोच पर ऐसे ऐसे मॉडल बनाए जो भविष्य में यदि प्रोडक्ट के रूप में आते हैं तो वाकई एक नई क्रांति हो सकती हैं। यह रखे गए मॉडल को देखकर सभी यह कह रहे थे कि यही है भविष्य का मेक इन इंडिया।

मॉडल- फलकॉन टी एसकेएस

एनआईटी के स्टूडेंट्स तुषार साहू, सुजीत बरसाले ने एक ऐसा प्लेन तैयार किया जो बाढ़ आने पर और तेज बारिश में मेडिसिन व अन्य खाद्य पदार्थ सप्लाई कर सकता है। इसके साथ ही इसकी सहायता किसान अपने खेतों में फर्टीलाइजर, खाद या अन्य कीटनाशक का छिड़काव कर सकते हैं। मॉडल प्लेन में 11.1 वोल्ट की लिथियम ऑयन बैटरी लगी है। इसमें 22 केवी के सामने की तरफ फैन लगा है जो एक वोल्ट की पॉवर लेकर 22 हजार राउंड घूमता है। इसमें इस तरह से विंग लगाए गए जो कि प्लेन को ऊपर नीचे दाएं बाएं मोडऩे में मदद करता है। यह पूरी तरह से रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है।

मॉडल- एंड्रो मेडा

एनआईटी के स्टूडेंट पलक, हेमंत, शुभम, अभिनव, चंद्रपॉल और अश्विन ने मिलकर एंड्रो मेडा नाम की एक ऐसी मशीन बनाई जो एक साथ एक समय में एक ही तरह के दो काम कर सकती है। स्टूडेंट्स ने बताया कि इस मशीन की सहायता से ऐसी माइंस जहां इंसान नहीं जा सकते, या ऐसे ऑपरेशन जहां जाकर डॉक्टर ऑपरेशन नहीं कर सकते उसे भी दूसरी जगह बैठकर करना संभव हो पाएगा। इसके साथ ही इस मशीन को कमांड देने से यह एक साथ एक समय में एक तरही की दो पेंटिंग बना सकती है।

मॉडल - रियल टाइम मॉनीटर सिस्टम

बीआईटी दुर्ग के स्टूडेंट नितेश भारती और आदित्य ने ऐसा रोबोट बनाया है, जो कि हॉस्पिटल में मरीज पर हर पर नजर रख सकता है। इसमें पल्स रेट, टैंपरेचर और ईसी सेंसर लगे हैं। इससे मरीज के स्वास्थ्य में जरा भी बदलाव होने पर यह तुरंत डॉक्टर को इंफार्म करेगा और डॉक्टर मरीज को बिना देरी किए ट्रीटमेंट दे पाएगा।

मॉडल- आटोमैटिक एरिगेशन सिस्टम

एनआईटी रायपुर के स्टूडेंट्स सरन्या, आदर्श और तनिष ने किसानों के लिए वरदान साबित होने वाल मॉडल तैयार किया है। इस यंत्र की सहायता से किसान अपने खेत में पानी लगाकर सो जाए या घूमने भी चला जाए तो खेत में सिंचाई के लिए उनता ही पानी जाएगा, जितना की आवश्यक है। इन्होंने अपने मॉडल में सेंसर लगाए हैं, जो कि मिट्टी के डाडा को रीड कर उसके सूखते ही वहां पानी की सप्लाई दे देगा।

मॉडल- कोर्डोयार्ड रोबोट

शंकराचार्य कॉलेज के स्टूडेंट्स हर्ष चौहान, खिलेश्वर, हर्षित, पंकज और जयंत ने चार पैर वाला अनोखा रोबोट बनाया है। यह रोबोट भूकंप, पहाड़ी क्षेत्र यहां तक की सीढिय़ों में चढऩे में सक्षम है। यह मॉडल पॉवर सेक्टर और मिलेट्री के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

मॉडल- फायर फाइटिंग रोबोट

कोलंबिया इंस्टूट्यूट के स्टूडेंट्स सूर्य प्रकाश सिंह, शिखा नायक, कन्हैया, मोरध्वज और वैभव ने एक फायर फाइटिंग रोबोट बनाया है। इसे घर में रोज उपयोग होने वाली आग जैसे माचिस, गैस, मोमबत्ती की आग और धुंए को रीड नहीं करेगा। इसके अलावा कहीं भी घर में दूसरी कोई आग लगती या लगाई जाती है तो यह तुरंत एक्टिव हो जाएगा और सीधे कॉल करके मालिक को सूचना देगा। इतना ही नहीं इसमें लगा कैमरा आग की स्थिति को भी दिखाएगा। साथ ही रोबोट फोम और पानी का तेज स्प्रे करके आग को बुझाने का भी प्रयास करेगा।

sandeep upadhyay Reporting
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