कागजों में चल रहा था प्रायमरी स्कूल, परीक्षा लेने पहुंचे केन्द्राध्यक्ष तो हुआ खुलासा

वजह बता रहे सारे के सारे बच्चे पलायन कर जाते हैं

By: Vasudev Yadav

Published: 04 Apr 2019, 07:17 PM IST

जांजगीर-चांपा. जिले में ऐसा भी एक प्रायमरी स्कूल है, जहां एक भी छात्र पढ़ाई नहीं कर रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब केन्द्राध्यक्ष गुरूवार को परीक्षा लेने स्कूल पहुंच गए। स्कूल में एक भी छात्र परीक्षा दिलाने नहीं पहुंचे थे। वहां पदस्थ दो शिक्षक बिना पढ़ाई वर्षों से सैलरी उठा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि स्कूल के शिक्षकों ने छात्रों की उपस्थिति व दर्ज संख्या की रिपोर्ट अब तक अपने अधिकारियों को नहीं दी थी।
जिले के पामगढ़ ब्लाक के गुड़ीपारा प्रायमरी स्कूल मुलमुला में संचालित है। जहां बकायदा दो शिक्षक पदस्थ हंै। इस बार प्रदेश सहित जिले में प्रायमरी व मीडिल स्कूल की परीक्षा एक साथ करने का निर्णय लिया गया था। जिसके तहत जिले में ४ अप्रैल को परीक्षा शुरू हो गई। प्रायमरी स्कूल में केन्द्राध्यक्ष की नियुक्ति किया गया है। एक स्कूल का शिक्षक केन्द्राध्यक्ष बनकर दूसरे स्कूल में जाएंगे तो दूसरे स्कूल का शिक्षक अन्य स्कूल में केन्द्राध्यक्ष बनकर जाएंगे। ४ अप्रैल को केन्द्राध्यक्ष रविंद्र सिंह चंदेल जब गुड़ीपारा स्थित प्रायमरी स्कूल पहुंचे, तो वहां की स्थिति देखकर दंग रह गए। पेपर का समय ८ बजे से ११ बजे तक था। इस दौरान वह पूरे तीन घंटा स्कूल में बैठे रहे। इस दौरान कोई भी छात्र परीक्षा दिलाने नहीं पहुंचा। केन्द्राध्यक्ष ने जब इसकी जानकारी ली तब पता चला कि यहां छात्र ही नहीं है। इसलिए कोई परीक्षा दिलाने नहीं पहुंचा। उन्होंने इसकी शिकायत पामगढ़ बीईओ से की है। पामगढ़ बीईओ द्वारा मामले की जांच करने की बात कही गई है।

स्कूल में ३० छात्रों की है दर्ज संख्या
गुड़ीपारा स्कूल मुलमुला में बकायदा ३० छात्रों की दर्ज संख्या बताई जा रही है, लेकिन वह केवल कागजों में ही पढ़ाई कर रहे हंै। बताया जा रहा है कि यहां जरूर ३० छात्र दर्ज संख्या है, लेकिन उसके पालक उनको लेकर कमाने खाने चले गए हैं। इसलिए यहां छात्र पढऩे ही नहीं आते, लेकिन दो शिक्षक स्कूल में पदस्थ हैं। जो पूरे सत्र स्कूल में बैठे-ठाले अपना टाइम पास कर रहे थे। बकायदा उन्हें शिक्षा विभाग से सैलरी भी मिल रही थी।

केन्द्राध्यक्ष कौन बीईओ को जानकारी नहीं
जब बीईओ से पूछा गया कि मुलमुला गुड़ीपारा का केन्द्राध्यक्ष कौन है तो उन्होंने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही। जबकि केन्द्राध्यक्ष बीईओ आफिस में जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है शिक्षा विभाग के अफसर किस हद तक जिम्मेदार हैं।

वर्जन
केन्द्राध्यक्ष द्वारा गुड़ीपारा स्कूल में परीक्षा के दौरान एक भी छात्र नहीं पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
एसआर रत्नाकर, बीईओ पामगढ़

वर्जन
मुझे इस तरह की सूचना अभी तक नहीं मिली है। यदि वहां ऐसा है तो मामले की जांच कराएंगे। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
डीके कौशिक, डीईओ जांजगीर

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