मासूम साली को जीजा ले गया मुक्तिधाम, फिर करने लगा घिनौना काम, कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

Rape Case: आठ साल की मासूम से अनाचार करने वाले आरोपी जीजा को विशेष न्यायाधीश उदयलक्ष्मी सिंह परमार ने 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।

जांजगीर-चांपा. अभियोजन के अनुसार 13 दिसंबर 2019 को बलौदा सुपरवाइजर बैठक से वापस जांजगीर अपने पति के साथ आ रही थी। शाम लगभग 4.30 बजे दर्राभाठा पहुंचे। वहीं एक व्यक्ति बाइक पर छोटी बच्ची को सामने बिठाकर अश्लील हरकत कर रहा था। उसकी हरकत को देख सुपरवाइजर ने अपने पति से गाड़ी रोकने को कहा। तभी बाइक चालक मासूम बच्ची को लेकर मुक्तिधाम खेत की ओर चला गया।

सुपरवाइजर को अनहोनी की आशंका होने पर वह अपने पति को लेकर मुक्तिधाम की ओर गई, वहां उसने देखा कि बाइक चालक मुक्तिधाम की आड़ में मासूम के साथ अनाचार की घटना को अंजाम दे रहा था। चिल्लाने पर बाइक चालक वहां से भागने का प्रयास किया। तभी उसे दौड़ाकर पकड़ लिया गया। इतने में वहां पर भीड़ इकट्ठी हो गई। बाइक चालक ने अपने नाम राजेन्द्र सिंह बताया। मासूम राजेन्द्र की साली है।

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डायल 112 की मदद से राजेन्द्र व मासूम को कोतवाली थाना ले जाया गया। जहां पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय को प्रस्तुत किया गया। यहां विशेष न्यायाधीश उदयलक्ष्मी सिंह परमार ने शांति नगर जांजगीर निवासी राजेन्द्र राजपूत को धारा 6 लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत 20 साल का सश्रम कारावास व एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की राशि नहीं पटाने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रप्रताप सिंह ने पैरवी की।

Vasudev Yadav Desk
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