12 सितंबर से नहीं आ रही है आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट, संदिग्ध अनजाने में फैला रहे कोरोना संक्रमण

12 सितंबर के बाद हजारों की संख्या में कोविड-19 टेस्ट तो हुए लेकिन उनकी रिपोर्ट (RT-PCR report) आज तक न आने से संदिग्ध (संक्रमित) (Corona Virus) व्यक्ति भी जाने अनजाने में दूसरे लोगों तक संक्रमण फैला रहा है।

पामगढ़. कोरोना महामारी (Corona Virus) से लोगों के बचाने के लिए राज्य सरकार से लेकर शासनिक अमला करोड़ों रुपए एक-एक जिले के पीछे खर्च कर रहा है। समय-समय पर लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा रहा है, लेकिन अब इसे लोग शासन प्रशासन का दिखावा कहने लगे हैं। लोगों का कहना है कि शासन प्रशासन का यह दिखावा हकीकत से कोसों दूर हैं। कलेक्टर कोविड.19 को लेकर हर दिन निर्देश तो जारी करते हैं, लेकिन उसकी हकीकत क्या है यह तक जानना जरूरी नहीं समझते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण कोरोना संक्रमित का पता लगाने के लिए की जाने वाली आरटीपीसीआर की टेस्ट रिपोर्ट ( RT-PCR test report)है।

जिले में 12 सितंबर के बाद हजारों की संख्या में कोविड-19 टेस्ट तो हुए लेकिन उनकी रिपोर्ट आज तक न आने से संदिग्ध (संक्रमित) व्यक्ति भी जाने अनजाने में दूसरे लोगों तक संक्रमण फैला रहा है। यदि यह रिपोर्ट समय पर आती तो संक्रमित व्यक्ति की पहचान कर समय पर उपचार दिया जा सकता । पत्रिका ने इसकी पड़ताल की तो इस मामले की सच्चाई सामने आई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस सच्चाई को चीख-चीख कर कह रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी एसी चैंबर में बैठकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पामगढ़ के बीमा की माने तो जिले सहित पामगढ़ क्षेत्र में लगातार कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसे रोकने के लिए क्षेत्र में एंटीजन और आरटी पीसीआर टेस्ट अधिक से अधिक संख्या में किए तो जा रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात ये है कि पामगढ़ क्षेत्र में 12 सितम्बर से हुए सभी आरटीपीसीआर टेस्ट की जांच रिपोर्ट 29 सितम्बर तक नहीं आई है। यही हाल लगभग पूरे जिले का है। 12 सितम्बर से लेकर 24 सितम्बर तक की जांच का जब डाटा मांगा गया तो कुल 397 लोगों का आरटी पीसीआर टेस्ट किया गया है।

जिस तरह कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रह हैं उसके मुताबिक | इसमें कुछ न कुछ लोग तो जरूर पॉजिटिव होंगे। हद तो यह है कि इन संक्रमित लोगों को यह बता ही नहीं है कि वह कोरोना संक्रमित है और वह हसी खुशी अपने परिवार और बाहर दोस्तों से मिलकर उन्हें भी संक्रमित कर रहे हैं। इससे साफ है कि जिला प्रशासन को अब संक्रमण शोकने में खास रुचि नहीं रही है।

Bhawna Chaudhary
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