सफेद दूध पर काला कारोबार करने वालों को दी गई चेतावनी, अबकी मर्तबा नहीं हुआ पंजीयन तो जाना पड़ेगा कोर्ट

सफेद दूध पर काला कारोबार करने वालों को दी गई चेतावनी, अबकी मर्तबा नहीं हुआ पंजीयन तो जाना पड़ेगा कोर्ट

Vasudev Yadav | Publish: May, 14 2019 06:10:27 PM (IST) Janjgir Champa, Janjgir Champa, Chhattisgarh, India

- स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत प्रभाव, अब तक मात्र दो लोगों ने कराया पंजीयन

जांजगीर-चांपा. घर में दूध लेकर आने वाले दूधिये का नाम-पता आप भले जानते हों, लेकिन न विभाग को उनकी कोई जानकारी है न ही सरकारी आंकड़ों में उनका कोई ब्योरा दर्ज है। सरकारी चेकिंग के दौरान अगर उसके दूध का सैंपल अधोमानक पाया जाता है उस पर कार्रवाई हो पाना मुश्किल है।

शहर में घर-घर, होटल या दुकान पर दूध पहुंचाने वाले दूधिये अपना पंजीकरण नहीं करा रहे हैं, जिसके चलते उन्हें नियमित चेकिंग और पड़ताल मुश्किल होती जा रही है। इसके लिए जुर्माना वसूलने का भी प्रावधान हैं। फिर भी अभी दूध कारोबारियों को संबंधित विभाग केवल समझाइश देकर छोड़ रहे हैं। सफेद दूध के काले कारोबार करने वाले के बारे में विभाग को कोई जानकारी नहीं है। हजारों की तादाद में दूध का कारोबार करने वाले दूधियों में से दो से तीन ने ही विभाग में अपना पंजीकरण कराया है।

जिले में सभी तरह के खाद्य पदार्थ की बिक्री के लिए विभाग से लाइसेंस लेने वालों की संख्या महज 1677 है। इसमें भी दूध से बने उत्पादों की बात करें तो उनकी संख्या दो से चार ही हैं। दूध के कारोबारियों का लाइसेंस या पंजीकरण न होने की स्थिति में उनके बारे में विभाग को किसी भी तरह की जानकारी नहीं है।

दी गई चेतावनी व लिया गया सेंपल
मंगलवार को सुबह खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम शहर में जांच करने निकले हुए थे। जिसमें गांव से शहर दूध बेचने वालों को पंजीयन व लाइसेंस नहीं होने पर इस बार दो दिन के अंदर पंजीयन कराने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया हैं। इसके अलावा तीन दूध व्यवसायियों से दूध का सेंपल लिया गया हैं। जिसको जांच के लिए रायपुर स्थित लैब भेजा जाएगा।

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पंजीयन के लिए 100 तो लाइसेेंस के लिए 2 हजार
खुले या पैक तौर पर 500 लीटर से कम दूध की बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन या उत्पादन करने वाले हर कारोबारी को विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके लिए एक वर्ष में 100 रुपए का शुल्क निर्धारित है। आनलाइन होने वाले आवेदन में 50 रुपये अतिरिक्त खर्च हो सकते हैं। इसके अलावा 500 लीटर से अधिक दूध का कारोबार करने वाले कारोबारियों को दो हजार रुपये की फीस जमाकर लाइसेंस लेना होता है। बगैर लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन किसी भी दूध या अन्य खाद्य सामग्री की बिकी नहीं हो सकती है।

5 लाख जुर्माना का हैं प्रावधान
मंगलवार को दूध कारोबारियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया हैं। इसके बाद अगर कोई भी दूध व्यवसायी बिना लाइसेंस व पंजीयन के पाया जाता हैं तो उस पर प्रकरण तैयार कर कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।

-मंगलवार को दूध कारोबारियों को चेतावनी दिया गया हैं। जल्द से जल्द लाइसेंस व पंजीयन करा लेने कहा गया है। अगली बार जांच करने पर पंजीयन नहीं कराने पर प्रकरण बनाया जाएगा। इसके अलावा तीन दूध का भी सेंपल लिया गया हैं। जिसको जांच के लिए रायपुर लैब भेजा जाएगा- डीके देवंागन, खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी

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