जिले के 411 प्राइवेट स्कूलों में छह हजार 600 बच्चों को मिलेगा एडमिशन

RTE : आरटीई के तहत एक मार्च से शुरू होगी ऑनलाइन रजिस्ट्रशेन की प्रक्रिया

जांजगीर-चांपा. आरटीई (शिक्षा के अधिकार) के तहत बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन दिलाने के लिए नए शिक्षण सत्र 2020-21 की तैयारी शुरू हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के तहत एक मार्च से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बार जिले के 411 निजी विद्यालयो में 6600 बच्चों को प्रवेश दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

पिछले वर्ष एडमिशन में देरी के कारण जुलाई-अगस्त तक एडमिशन की प्रक्रिया चलती रही, जिस कारण बच्चे पढ़ाई में दो माह पीछे हो गए। इस वर्ष नए शिक्षण सत्र से ही बच्चों की पढ़ाई शुरू हो सके इसलिए एक मार्च से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। एक माह तक आवेदन लेने के बाद जल्द ही एडमिशन दिया जाएगा। जिले में 140 के करीब प्राइवेट स्कूल हैं।

इन स्कूलों की 25 प्रतिशत सीट इन बच्चों के लिए आरक्षित है। जिला शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूलों को आदेश जारी कर सीटों की जानकारी मांगी है। प्राइवेट स्कूलों को सीटों की जानकारी अपने नोडल केंद्रों में देनी होगी। इन सीटों को नोडल केंद्र द्वारा पालकों के लिए सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे पालक सीटों की संख्या देखकर आवेदन कर सकेंगे।

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इन नियमों का पालन जरूरी
सरकारी प्राइमरी, प्री-प्राइमरी व मिडिल स्कूल के लिए सरकार प्रति छात्र 7400 रुपए देती है। हायर सेकेंडरी व हाईस्कूल के लिए 12 हजार देती है। लेकिन जो बच्चे पहले से आरटीई में पढ़ रहे हैं वही कक्षा 9 से 12 वीं तक पढ़ सकते हैं। सीधे 9वीं या 10वीं में एडमिशन नहीं दिया जाता।

पिछले साल अधिकतर आवेदनों के रिजेक्ट होने की वजह सर्वे सूची में नाम नहीं होना, जाति संबंधी प्रमाण पत्र नहीं रहना व डुप्लीकेट फार्म जमा करना था। कुछ दूसरे क्षेत्र के पालक भी आवेदन किए थे। नियम है कि शहरी क्षेत्र के तीन किमी व ग्रामीण क्षेत्र में पांच किमी के दायरे में जो स्कूल हैं, वहीं के लिए पालक अपने बच्चों के एडमिशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

नर्सरी और पहली में दिया जाएगा प्रवेश
जिले में आरटीई के तहत लगभग 6000 सीटें हैं। इन सीटों पर कक्षा नर्सरी और पहली में प्रवेश दिया जाएगा। वर्ष 2019-20 में 6000 सीटें आरक्षित की गई थी, लेकिन किसी तरह 3100 सीटों में प्रवेश हुआ था। बाकी आवेदन रिजेक्ट हो गए थे। राज्य शासन ने 2002 और 2007 की सर्वे सूची मांगी थी। वहीं उम्र का बंधन था, जिसके कारण पालकों के फार्म रिजेक्ट हुए और ज्यादा सीटें खाली रह गई।

आधार कार्ड अनिवार्य
पालकों को आवेदन के लिए बच्चे का आधार कार्ड व पालक का आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इसके बिना आवेदन नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा बीपीएल कार्ड, नगर पालिका या निगम व पंचायत से सत्यापित होना चाहिए। बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र भी जरूरी है।

Vasudev Yadav Desk
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