पहले बेटे को गुमराह कर छोटे बेटे के नाम कर दी करोड़ो की बेसकीमती जमीन

- बाप बेटे के खिलाफ चारसौबीसी का मामला दर्ज

By: Vasudev Yadav

Published: 12 Nov 2017, 05:26 PM IST

जांजगीर.चांपा। जांजगीर के विनय चित्र मंदिर के मालिक रघुराज खरसन ने अपने पहले बेटे के नाम के बेसकीमती जमीन को कूटरचना करते हुए अपने दूसरे बेटे के नाम कर दी। बिलासपुर के अपोलो में कार्यरत पहले बेटे डॉ. विनय कुमार खरसन ने अपने पिता के नाम से कोतवाली थाने में चारसौबीसी का मामला पंजीबद्ध कराया है। पुलिस ने पिता रघुराज खरसन व उसके बड़े विनोद खरसन के खिलाफ चारसौबीसी के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला जांजगीर के केरा रोड का है।

पुलिस के अनुसार जांजगीर के केरा रोड निवासी रघुराज खरसन की केरा रोड में करोड़ो की बेसकीमती जमीन है। एक दसक पहले इस जमीन में विनय चित्र मंदिर यानी टाकिज चलता था। अब इस जमीन में सेल की दुकान लग रही है। दरअसल रघुराज खरसन की पहले दो पत्नियां थी। एक पत्नी की ओर से एक पुत्र विनय खरसन है, जो अपोलो में डॉक्टर है। उस वक्त केरा रोड में करोड़ों की जमीन खरीदी किया था। जिसे रघुराज खरसन ने अपने बेटे विनय के नाम से किया था। जिसमें विनय चित्र मंदिर संचालित हो रहा था।

इसके बाद पहली पत्नी का स्वर्गवास हो गया। इसके बाद दूसरी शादी किया। जिसमें विनोद कुमार और एक और पुत्र हुआ। कुछ दिनों बाद किसी बात को लेकर रघुराज खरसन का अपने पहले बेटे विनय खरसन से दूरी बढ़ गई। दूरी बढऩे के बाद रघुराज ने विनय से दूरी बनाने लगा। दूरी बनने के बाद रघुराज ने अपने खसरा नंबर 1347/ 61 नाम की करोड़ो की बेसकीमती जमीन को विनोद के नाम से कर दिया।

यह जमीन उसके नाम नहीं होने की सूचना विनय को मिल गई। इसके बाद विनय ने मामले की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने रघुराज खरसन और उसके बेटे विनोद खरसन के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 34 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। कोतवाली टीआई बीएस खूंटिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के पश्चात आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

मुक्तियार भी मुकरा
बताया जा रहा है कि रघुराज खरसन ने जिस जमीन को अपने दूसरे बेटे के नाम किया है उस जमीन को दूसरे बेटे के नाम किया तब उसे मुख्तियारनामा में दस्तखत करने वाला नहीं मिल रहा था। इसके बाद वह रजिस्ट्री के वक्त फर्जी तरीके से ऋषि सिंह नाम के व्यक्ति को मुख्तियारनामा में दस्तखत कराया। जांच के दौरान जब ऋषि सिंह को बुलाया गया तब ऋषि सिंह ने अपना हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया। ऐसे में करोड़ों की बेसकीमती जमीन विवादों में फंस गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि केरा रोड में जो विवादित बताई जा रही है वह करोड़ो की है। यही वजह है कि पिता की इतनी बेसकीमती जमीन में नीयत खराब करनी पड़ी।

Vasudev Yadav
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