...तो इन दो निजी स्कूलों की मान्यता हो जाएगी रद्द, ग्रामीणों में आक्रोश

चांपा से लगे गांव बहेराडीह के गुरुकुल कांन्वेंट एवं संस्कार इंग्लिस मीडियम स्कूल की मान्यता खतरे में पड़ गई है।

By: Vasudev Yadav

Published: 07 Jul 2019, 06:11 PM IST

जांजगीर-चांपा. दोनों स्कूलों की शिकायत जांच के बाद डीईओ के द्वारा निजी स्कूल संचालकों को नोटिस दी गई है, लेकिन दोनो स्कूल संचालकों ने नोटिस का जवाब अब तक नहीं दिया है। जिसके चलते स्कूल की मान्यता खतरे में पड़ गई है। इधर ग्रामीणों के बीच निजी स्कूलों के प्रति गुस्सा फूट रहा है। क्योंकि इन स्कूलों को मान्यता देने वाले लापरवाह अधिकारी नियम को ताक में रखकर मान्यता दी थी। जिस पर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने स्कूल संचालकों के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इतना ही नहीं आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

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शिक्षा का अधिकार कानून व्यवस्था को लेकर शासन गंभीर है लेकिन इसमें बिना किसी मापदंड के छोटे से गांव में शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दो निजी स्कूल को मान्यता देकर यहां के सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। आज शिक्षा जैसी संस्कृति को व्यवसाय बनाकर आंगनबाड़ी केंद्र में पढऩे वाले तीन वर्ष से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों को यहां खुले दोनों निजी स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है।

वहीं प्रायमरी व मीडिल स्कूल के 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को भी यहां तालीम दी जा रही है। वहीं गांव का शासकीय स्कूल खाली पड़ा है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर से करने के बाद डीईओ की टीम गांव में पहुंचकर निजी स्कूलों में दबिश देकर बच्चों को शासकीय स्कूल के लिए वापस लौटाया। वहीं यहां के निजी स्कूलों में न सिर्फ कई खामियां पाई गई। इसके बाद डीईओ ने स्कूल संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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इस तरह हो रही दिक्कत
गांव के निजी स्कूल खुलने के बाद अधिकतर बच्चे निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि गांव की आबादी के हिसाब से दो-दो निजी स्कूलों को मान्यता देने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में शासकीय स्कूलों की दर्ज संख्या प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद संस्कार स्कूल संचालक ने कई बच्चों को वापस भेज दिया है। वहीं गुरुकुल स्कूल का संचालक अपनी जिद में अड़ा है। जिसके चलते ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

-बहेराडीह के दोनों निजी स्कूल संचालकों को नोटिस दिया गया है, लेकिन दोनों निजी स्कूल संचालक नोटिस का जवाब नहीं दे रहे हैं। तय समय में नोटिस का जवाब नहीं देने पर उनकी मान्यता समाप्त कर दी जाएगी - केएस तोमर, डीईओ

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