खत्म हुआ इंतजार, नहर में कम हुई पानी की धार

खत्म हुआ इंतजार, नहर में कम हुई पानी की धार
खत्म हुआ इंतजार, नहर में कम हुई पानी की धार

Vasudev Yadav | Publish: May, 19 2019 12:49:09 PM (IST) | Updated: May, 19 2019 12:49:10 PM (IST) Janjgir Champa, Janjgir Champa, Chhattisgarh, India

खेत में पानी भरने से किसानों ने बंद करने की थी मांग

जांजगीर-चांपा. नहर में पानी की धार थमते ही किसान धान कटाई कर फसल को समेटने में जुट जाएंगे। नहर चलने से खेत में पानी लबालब हो गया था। जिससे किसानों ने नहर में पानी बंद करने की मांग की थी। जिससे वर्तमान में पानी की धारा कम किया गया हैं। दो-तीन दिन बाद नहर में पानी पूरी तरह से बंद हो जाएगा। कुछ किसान अभी भी खेतों से पानी निकालने में व्यस्त हैं।
जिले में इस बार ४५ हेक्टेयर भूमि पर रबी फसल की खेती की गई है। फसल कम समय में तैयार हो और उसे समेटने में सुविधा हो इसके लिए ज्यादातर किसानों ने महामाया, एक हजार दस, कलिंगा सहित अन्य किस्म के अर्ली वेरायटी के धान की खेती की है। फसल पूरी तरह पककर तैयार हो गए हैं पर खेतों में पानी भरे होने की वजह से किसान धान की कटाई का काम नहीं कर पा रहे थे। हालांकि टेल एरिया में पानी नहीं पहुंचने की वजह से किसान धान काटना शुरु कर चुके हैं। लेकिन हेड एरिया के खेत में पानी भरे होने का कारण यह काम नहीं हो पा रहा था। फसल तैयार होने के बाद कटाई में लेटलतीफी के मद्द्ेनजर किसान नहर में पानी बंद करने की लगातार मांग कर रहे थे। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नहरों का पानी बंद करने की कवायद शुरू हो गई हैं। अभी धीरे-धीरे नहर में पानी की धार कम किया गया हैं। उसके बाद १९ मई को नहर से पानी की धार पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसान धान की कटाई करने में जुट जाएंगे। हालाकि अभी भी कई खेतों में पानी पूरी तरह नहीं सूखे हैं जहां से पानी निकालने की कवायद की जा रही है। नवागढ़ ब्लाक के मुनुंद, धनेली, भड़ेसर, कुथूर के किसान तिहारु, रम्हैया व सम्मेलाल ने बताया कि उन्होंने इस बार महामाया धान की खेती की है जो पखवाड़े भर पहले ही पूरी तरह तैयार हो गई है लेकिन खेतों में नहर से पानी आ रहा था जिसकी वजह से धान कटाई करने में परेशानी हो रही है। नहर की धार बंद होने से धान कटाई में तेजी आएगी।

नहर के पानी से भरा गया तालाब
रबी फसल की खेती के लिए इस बार नहर से पर्याप्त पानी छोड़ा गया। फसल तैयार होने के बाद किसानों ने नहर की धार बंद करने की मांग की। जिसे विभागीय अधिकारियों ने गंभीरता से लिया पर गर्मी में जल संकट को देखते हुए विभाग के आला अफसरों ने नहर की धार बंद करने की बजाय कुछ दिन तक तालाबों को भरने के लिए पानी छोड़े रखा। कई गांवों में नहर के पानी से तालाबों को भरा गया। नहर में पानी दिए जाने से इस बार ग्रामीण क्षेत्रों का जलस्तर भी ठीक रहा।

अब शहर में गहराएगी पानी की समस्या
किसानों की मांग पर नहर में पानी की धार पहले से कम हो गया हैं। यह धार अब दो दिन बाद पूरी तरह से थम जाएगी। जिला मुख्यालय की नहर जीवन दायिनी हैं। नहर में पानी चलने की वजह से इस साल गर्मी में अधिकांश मोहल्लो में पानी की संकट सुनाई अब तक नहीं दिया हैं। अन्य साल नहर नहीं चलने से शहर में अधिकांश मोहल्ले के बोर अप्रैल में जवाब देने लगते थे। इस बार नहर में पानी चलने से बोर भी साथ दे रहा है। अब नहर में पानी बंद होने से शहर में पानी की समस्या शुरू हो जाएगी।

वर्जन
खेत में पानी भर जाने के कारण किसानों ने नहर में पानी बंद करने की मांग की थी। जिसके कारण नहर में पानी बंद किया जा रहा हैं। अभी वर्तमान में कई तालाब नहीं भरे जाने के कारण बंद हो पाया हैं। अगले दो दिन बाद नहर में पानी पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
बीपी सिंह- ईई, सिंचाई विभाग

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