दुखड़ा सुनाने महिला पहुंची अधिकारी के पास, तकलीफ तो दूर हुई नहीं, प्रताडऩा की शिकार हुई महिला, पढि़ए खबर...

Vasudev Yadav

Publish: Nov, 14 2017 04:17:39 (IST)

Janjgir-Champa, Chhattisgarh, India
दुखड़ा सुनाने महिला पहुंची अधिकारी के पास, तकलीफ तो दूर हुई नहीं, प्रताडऩा की शिकार हुई महिला, पढि़ए खबर...

- महिला किसी तरह डरे सहमे भागी और मामले की शिकायत करने कलेक्टर के पास पहुंची

जांजगीर-चांपा. बलौदा ब्लॉक के सखी वन स्टॉप सेंटर में महिला एक अफसर की प्रताडऩा की शिकार हो गई। दरअसल महिला अपना दुखड़ा सुनाने महिला एवं बाल विकास अधिकारी के पास गई थी, लेकिन अफसर ने पीडि़त महिला को सखी वन स्टाप सेंटर में रखने की बजाए अपने घर में रोककर रखी रही और उससे अपने घर का झाड़ू पोछा लगवाती रही। महिला अफसर द्वारा जब प्रताडऩा बढ़ता गया तब महिला किसी तरह डरे सहमे भागी और मामले की शिकायत करने कलेक्टर के पास पहुंच गई। कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। मामला बलौदा नगर पंचायत का है।

जानकारी के अनुसार बलौदा की रहने वाली तुलसी बंजारे का अपने पति से विवाद हो गया। विवाद बढऩे के बाद वह अपने घर चली गई। वह अपनी शिकायत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बनाए सखी वन स्टॉप सेंटर के प्रभारी निशा खान से सुनाई। निशा खान द्वारा पीडि़त महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर में रखने की बजाए अपने घर सक्ती ले गई। महिला को अपने घर में नौकरानी के बराकर रखकर उससे झाड़ू पोंछा लगवाती थी।

चौबीसो घंटे काम लेती रही। तुलसी का कहना है कि चूंकि वह धार्मिक भावना को मानने वाली है और घर में रहकर पूजा-पाठ करना चाहती थी तो निशा खान द्वारा पूजा-पाठ से मना किया जा रहा था। चूंकि महिला अफसर मुस्लिम समाज की थी और पूजा-पाठ करने से मना करती थी। इतना ही नहीं उसे दिन भर काम कराती थी। काम नहीं करने की शर्त पर उससे प्रताडि़त करती थी। जिससे तंग आकर महिला कलेक्टर जनदर्शन में पहुंची और मामले की शिकायत कलेक्टर से की है।

क्या है सखी वन स्टॉप सेंटर
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पुलिस विभाग के परिवार परामर्श केंद्र की तरह सखी वन स्टॉप सेंटर केंद्र खोला गया है। यह प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय में संचालित हो रहा है। इस सेंटर में समाज से प्रताडि़त महिलाओं को सुरक्षित रखना है। उसे काम देकर गुजारा कराना है, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ऐसे सेंटर में आईं महिलाओं को अपने घर का काम करा रही है, इससे महिलाओं को न्याय मिलने की बजाए प्रताडऩा का शिकार होना पड़ रहा है।

बलौदा की एक महिला जनदर्शन में कुछ शिकायत को लेकर पहुंची थी। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो वास्तविक बातें आएगी तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बसंत मिंज, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी

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