परिजनों को समझाइश देकर रुकवाया बाल विवाह

बाल विवाह करा रहे वर-वधु दोनों पक्षों पर हुई कार्रवाई

By: Barun Shrivastava

Published: 25 Apr 2018, 12:25 AM IST

कोतबा. जिले के पत्थलगांव एवं फरसाबहार महिला बाल विकास एवं कोतबा और तुमला थाने की पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को नाबालिग जोड़े का विवाह रुकवाया। बारात के पहले हरिद्रालेपन की रश्म अदा की जा रही थी जब महिला बाल विकास और पुलिस की संयुक्त टीम ने दूल्हे और दुल्हन के घरों में अलग-अलग समय पर पहुंची और दोनो परिवारों को समझाईश देते हुए बाल विवाह को रुकवाया गया। गवाहों के समक्ष दोनों ही परिवारों ने टीम से गलती स्वीकारते हुवे माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि वे बालिग होने पर ही अपने बच्चों का विवाह करेंगे। इस पूरे मामले में मिली जानकारी के अनुसार मंगवार को सुबह सूचना मिली कि तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम चकरापारा सरईटोली में कोतबा से आज बारात आने वाली है और यहां नाबालिग लड़की की शादी हो रही है जिसके आधार पर जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशानुसार कार्रवाई करने पहुंची टीम में महिला बाल
विकास विभाग से सीएल कुजूर, एसआई तुमला जेम्स कुजूर, सुश्री कल्याणी पैंकरा, देवेश शर्मा, एलिन तिर्की, आशुतोष सोनी, श्वेता भगत, पार्वती ओटी, सुपरवाईजर जोशिला खलखो शामिल थे। सूचना मिलने के बाद महिला बाल विकास विभाग, बालक कल्याण समिति एवं तुमला तथा कोतबा पुलिस की टीम संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए दोनो स्थानों पर पहुंची और दोनों ही परिवारों को समझाईश देते हुए विवाह रुकवाया गया। पहली कार्रवाई चकरापारा सराईटोली में हुई जहां टीम ने नाबालिग कन्या का अंकसूची जांच के लिए लिया, जिसमें पाया गया कि कन्या का उम्र 15 वर्ष है। उम्र की पुष्टि होते ही टीम ने परिवार को बाल विवाह कानून के बारे में जानकारी देते हुए बच्ची के भविष्य को लेकर समझाईश दी। टीम ने यह भी बताया कि इस विवाह में सभी पक्षो के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई भी हो सकती थी जिस पर कन्या पक्ष के लोगों ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि वे अब शादी नहीं करेंगे। साथ ही कहा कि बालिग होने पर ही विवाह किया जाएगा। यहां गवाह के रूप में तिलक राम, ओमेश सिदार, सुकालू दर्पण ने कहा कि उनपर वे नजर रखेंगे। उल्लेखनीय है कि इन दिनों विवाह को लेकर कई लगन चल रहे हैं और जिले में बाल विवाह को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का काफी आभाव है, जिससे लगातार जिले में बाल विवाह के मामले सामने आ रहे हैं।
दूल्हा नहीं निकाल सका बारात: इस मामले में दूसरी कार्रवाई वर पक्ष के घर पर कोतबा नगर पंचायत में हुई, जहां नाबालिग दूल्हा भी हरिद्रा लेपन की रश्म अदायगी कर बारात लेकर निकलने की तैयारी कर रहा था। कोतबा में दूल्हे के घर जांच एंव कार्रवाई के लिए महिला बाल विकासए पुलिस एंव सामाजिक कार्यकर्ता की टीम में सीएल कुजूर, कल्याणी पैंकरा, एलिन तिर्की, देवेश शर्मा, नारायण साहू, सदस्य एमसीसीआर, मयंक शर्मा , पत्थलगांव ब्लॉक अध्यक्ष मानव अधिकार व भरष्टाचार उन्मूलन संगठन व सदस्य एमसीसीआर और कोतबा पुलिस की टीम के बिरद साय पैंकरा, शरद चंद बेहरा, सागर नायक पहुंचे और उम्र की जांच की गई टीम ने परिवार को बुलाकर विस्तृत जांच की और लड़के का उम्र जांच करने के लिए अंकसूची लिया गया। यहां लड़के का उम्र 19 साल 8 माह 28 दिन पाया गया नाबालिग होने पर टीम के द्वारा दूल्हे के पक्ष को भी समझाईश दी गई और इस संबंध में बने कानूनों व सजा के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया जिससे दूल्हा पक्षो के लोग भी समझ पाए और विवाह रोक दिया गया। यहां गवाह के रूप में माटवीज बड़ा, कुमारी साहू, सुनील शर्मा, अशोक बंजारा सुधीर, शिवकुंवर भी कार्रवाई के दौरान साथ रहे और आगे परिवार के सदस्यों पर नजर रखने की बात कही।

Barun Shrivastava Editorial Incharge
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