19 साल पहले 16 करोड़ से बना दिया बांध प्रभावितों को अब तक नहीं मिला मुआवजा

क्षेत्र के किसानो को बांध से सिंचाई के लिए भी नहीं मिल रहा पानी

By: BRIJESH YADAV

Published: 03 Mar 2019, 11:23 AM IST

जशपुरनगर. जिले के कुनकुरी विकासखंड में 16 करोड़ की लागत से बेलसुंगा जलाशय का निर्माण कराया गया था। जलाशय के निर्माण होने से किसानों में भी खुशी थी कि कम से कम उन्हें दो फसल के लिए पानी तो मिलेगा। उनका यह उम्मीद उम्मीद ही बन कर रह गया ना तो किसानों को पानी मिल रहा है और तो और किसानों को उनके जमीन के एवज में मुआवजा भी नहीं मिल पाया है।
वहीं इस सिंचाई परियोजना के लिए राज्य सभा सांसद की भी जमीन अधिग्रहित की गई है। जमीन अधिग्रहित होने के बाद शासन प्रशासन के द्वारा राज्य सभा सांसद को भी उनके जमीन का मुआवजा नहीं मिल पाया है।
कुनकुरी विकासखंड मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बेलसुंगा जलाशय किसानों को लाभ देने के बजाए उनकी परेशानियों का सबब बन गया है। जानकारी के अनुसार 2003 में इस जलाशय के निर्माण की शुरुआत हुई थी। लेकिन इतने सालों के बाद भी आज तक यहां के किसी भी किसान को इस जलाशय का लाभ नहीं मिल पाया।
किसानो का कहना है कि उन्होंने जलाशय के निर्माण के लिए कृषि योग्य भूमि को जमीन को मिट्टी के मोल शासन को दे दिया। लेकिन आज भी उनके खेतों में सूखे हैं।

नहर का एक बंूद पानी भी उनके खेतों में नहीं जा पाता। उन्हें खेती के लिए भगवान भरोसे रहना पड़ता है। ग्राम बेलसुंगा के ग्रामीणों का कहना है कि इस जलाशय में कभी भी पानी का ठहराव नहीं होता। बरसात में अगर कुछ दिन बारिश न हो तो जलाशय में सूखे की स्थिति निर्मित हो जाती है। पूरा जलाशय सितंबर माह तक सूख जाता है। ग्रामीणों के अनुसार जलाशय में मिट्टी से आगे अब तक कोई काम नहीं हो पाया है लिहाजा पानी एक जगह स्थिर नहीं हो पाता। यही वजह की कोई भी किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहा है। इस जलाशय से बेलसुंगा के अतिरिक्त रनपुर, गिर्होलटोली, कुदमुरा, नांदोटोली, टांगरटोली और डोडराही गांव के किसानो को लाभ मिलना था लेकिन जलाशय के नहर का पानी एक किमी से आगे नहीं जा पाता इसलिए बमुश्किल रनपुर के कुछ ही किसानो को इसका लाभ मिल पाता है।

राज्य सभा सांसद को भी नहीं मिला मुआवजा
बेलसंूगा सिंचाई परियोजना किसानो को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी देने के लिए बनाया गया है। लेकिन इस जलाशय का लाभ यहां के किसानों को नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई परियोजना के मुख्य नहर के निर्माण के लिए विभाग के द्वारा राज्य सभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव एवं उनके परिवार के जमीन को अधिग्रहित किया गया था। विभाग के द्वारा राज्य सभा सांसद का ०.८८८ रकबा को अधिग्रहित कर मुख्य नहर का निर्माण कराया गया है। मुख्य नहर का निर्माण हो जाने के बाद भूमि अधिग्रहण का मुआवजा राज्य सभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव को भी अभी तक नहीं मिल पाया है।
किसान आंदोलन करने की दे चुके हैं चेतावनी-परियोजना में शासन द्वारा अधिग्रहित किए गए जमीनों के मुआवाजे के लिए कई किसान आज भी भटक रहे हैं, कुछ प्रभावित किसानों को आधा मुआवजा राशि थमा कर चलता कर दिया गया है। किसान मुआवजा राशि पाने के लिए पिछले १६ सालों से अधिकारियों का चक्कर काट रहे हैं। किसान गोपाल यादव, अश्विन यादव एवं दया यादव का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर कई वर्षो से संघर्षरत हैं लेकिन अधिकारी कई तरह के बहाने बना कर उन्हें गुमराह करते आ रहे हैं। इस संबंध में किसानों के द्वारा केंद्रीय मंत्री विष्णु देव साय एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से भी गुहार लगा चुके हैं। किसानों ने अपने मांगों के संबंध में फरवरी माह में आंदोलन करने की चेतावनी भी दे चुके हैं।
&इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है, ना ही जमीन अधिग्रहण के संबंध में मुझे कोई नोटिस प्राप्त हुआ है।
रणविजय सिंह जूदेव, सांसद राज्य सभा

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BRIJESH YADAV Desk
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