रेत के अवैध उत्खनन से खतरे में नदी का अस्तित्व, खनिज अमला साधा है मौन

रेत के अवैध उत्खनन से खतरे में नदी का अस्तित्व, खनिज अमला साधा है मौन
Due to illegal mining of sand

Kajal Kiran Kashyap | Publish: May, 20 2017 11:52:00 PM (IST) Jashpur, Chhattisgarh, India

सड़क निर्माण में रेत डालने उत्खनन, सरपंच ने लगाया रेत को अवैध तरीके चोरी करने का आरोप

जशपुरनगर. कांसाबेल से बगीचा जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य में उपयोग में लाई जा रही रेत के लिए रेत का अवैध उत्खनन करते हुए जेसीबी से नदी को ही बुरी तरह से छलनी किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे नदी की प्राकृतिक शक्ल सूरत ही छिन्न-भिन्न हो गई है और नदी का अस्तित्व ही खेतरे में पड गया है।

कांसाबेल के कुदरी झरिया नदी में सड़क का निर्माण कराने वाली कंपनी द्वारा रेत का अवैध उत्खनन जेसीबी के जरिए किया जा रहा है। इस संबंध में जब रेत उत्खनन कर रहे जेसीबी ऑपरेटर और टे्रक्टर चालक से पूछा गया तो उन्होंने कलक्टर से अनुमति मिलने की बात कही। वहीं खनिज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कुदरी झरिया नदी से रेत खनन की स्वीकृति न ही स्थानीय ग्राम पंचायत ने लिया है और न ही किसी निर्माण कंपनी को खनन की अनुमति दी गई है।

दरअसल रेत उत्खनन के लिए जिले में निजी व्यक्ति को देने की अनुमति ही नहीं है। रेत खनन का कारोबार करने के लिए सिर्फ जिस ग्राम पंचायत से नदी बहती है उसे ही विधिवत स्वीकृति देकर रॉयल्टी पर्ची के जरिए रेत बेचने का अधिकार है। मामला कांसाबेल क्षेत्र के ग्राम पंचायत खुटेरा का है। यहां से होकर निकलने वाली नदी कुदरी झरिया से कांसाबेल से बगीचा जाने वाली निर्माणाधीन सड़क के लिए रेत का उत्खनन किया जा रहा है। रेत के उत्खनन के साथ ही सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बगैर अनुमति के रेत का उत्खनन किया जा रहा है। और सड़क का निर्माण स्टीमेट के आधार पर नहीं किया जा रहा है। वहीं इस मामले की शिकायत पीडब्लूडी पत्थलगांव संभाग के ईई दश्यामकर से पूछताछ किए जाने पर सड़क का निर्माण सही होने की बात कही जा रही है।

गुणवत्ता और रेत का मामला गहराया : कांसाबेल से बगीचा जाने वाली पीडब्ल्यूडी की सड़क जिसका चौड़ीकरण किया जा रहा है। यहां रेत का अवैध उत्खनन और गुणवत्ता दोनों का ही मामला गहराता जा रहा है। इस सड़क पर काम करने वाले बेखौफ होकर जेसीबी से नदी को छलनी करते हुए हजारों घनमीटर रेत दिन-रात नदी से निकालकर सड़क पर डाल रहे हैं। इस निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने कहा कि सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन कराया जा रहा है। अभी केवल रेती और मिट्टी डाली जा रही है।

अनुमति नियम से बाहर नहीं मिलती : सड़क निर्माण करा रही कंपनी के जरिए यह कहा जा रहा है कि रेत उत्खनन के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई। जबकि किसी प्रकार की अनुमति की जानकारी विभाग को है ही नहीं। दरअसल किसी भी निर्माणा कंपनी को खनिज उत्खनन के लिए विधिवत खनन की अनुमति देने का प्रावधान है। गिट्टी से लेकर मुरूम व मिट्टी उत्खनन के लिए उन्हें एक साल के लिए अस्थाई उत्खनन की अनुमति आवेदन के अनुरूप दी जाती है। इसके लिए वन विभाग की सहमति, राजस्व विभाग का अनुमोदन, माइनिंग प्लान और पर्यावरण स्वीकृति मिलने के बाद ही उत्खनन की अनुमति दी जाती है। लेकिन यह सब कुदरी झरिया के नाम पर जारी ही नहीं किया गया है।

रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है :
रेत निकाले जाने के सम्बन्ध में ग्राम सभा से कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। रोजलीन खलखो, सरपंच खुटेरा ग्राम पंचायत

कार्रवाई की जाएगी : कांसाबेल क्षेत्र में सिर्फ एक ही रेत खदान टांगरगांव में मैनी नदी पर स्वीकृत है। कुदरी झरिया में अवैध उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हेलेंद्र स्वर्णपाल, माइनिंग इंस्पेक्टर जशपुर

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