क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार

क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार
Throats of zodiacal doctors in the area

Kajal Kiran Kashyap | Publish: May, 18 2017 11:38:00 PM (IST) Jashpur Nagar, pathalgav, patrika news

बाहर के आए नीम हकीम चिकित्सक बन कर रहे ईलाज, बाहर के आए नीम हकीम चिकित्सक बन कर रहे ईलाज

पत्थलगांव. पत्थलगांव जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों मे निवास करने वाले लोगो से शर्तिया ईलाज करने के नाम पर दूसरे प्रांतो से आए नीम हकीम जमकर धोखाखडी करने का काम कर रहे हैं। एक ओर जहां ग्रामीण बीमार पडने के बाद झोलाछाप डाक्टरों के झांसे मे आकर अपनी मेहनत की कमाई एक बार मे ही लूटा रहें हैं, वही अब ग्रामीण क्षेत्रो मे शर्तिया ईलाज कर बीमारी दूर भगाने वाले दूसरे प्रांत के नीम हकीम डाक्टर बनकर लोगो को उल्लू बनाने का काम कर रहे हैं।

बताया जाता है कि इन दिनो ब्लाक के दर्जनो ऐसे गांव है जहा मिर्गी, अंडकोश, नाक से रक्त बहना, गठिया, लकवा, बालो का झडना, दिमाग की कमजोरी, बवासीर व अनेक प्रकार की बीमारीयों का पैकेज के साथ मोल भाव कर शर्तिया ईलाज करने का दावा किया जा रहा है। ऐसे डाक्टर शहरी क्षेत्र की लॉज व होटल मे ठहर कर अपने नाम के पर्चे ग्रामीण क्षेत्र मे बंटवाते हैं, जिससे ग्रामीण इनके झांसे मे आकर महंगा पैकेज देकर अपनी बीमारी का ईलाज करा रहे है।

सुविधा नहीं, कहां जाएं : ग्राम पंचायत चंदागढ के सरपंच रौशन प्रताप सिंह ने बताया कि इन दिनो अनेक ग्राम पंचायतो की दीवारो मे ऐसे ही नीम हकीमो का प्रचार आसानी से देखा जा सकता है। इनका कहना था कि ये अपने पर्चे छपवाने के साथ-साथ गांव के घरो की दीवारो मे अपना प्रचार प्रसार कर ग्रामीण तबका के लोगो को बेवकूफ  बनाने का धंधा खोल रखे है। सिंह का कहना था कि शहर के डाक्टरों के पास जाकर ईलाज कराने की भाग दौड से छुटकारा पाने के लिए ग्रामीण तबका के लोग अक्सर अपनी बीमारी का ईलाज ऐसे ही नीम हकीमो से कराकर जिंदगी भर की जमा पूंजी एक पल मे गंवा देते हैं। इनका कहना था कि दूसरे प्रांतो से फर्जी डिग्री लेकर इन दिनो इस क्षेत्र मे झोला छाप डाक्टर एवं शर्तिया ईलाज करने वाले नीम हकीम भली भांति अपना ढेरा जमा रखे हैं। पर इनके उपर कभी भी स्वास्थ विभाग की कडी कार्यवाही ना होने के कारण ये हर बार शासन की आंखो मे धूल झोंककर ग्रामीणो को उल्लू बनाने का काम कर रहे हैं।

कार्यवाही के नाम पर वसूली का आरोप : ग्राम तमता के एक ग्रामीण ने बताया कि विगत दिनो एक झोलाछाप डाक्टर द्वारा इनके परिजन का गलत ईलाज करने के बाद उसकी हालत बिगड कर मौत हो गई थी। पर इनके पास इस बात की पुष्टि के पुख्ता प्रमाण ना रहने के कारण इन्होने एफआईआर ना कराकर मीडिया के समक्ष अपनी बातें रखी थी।

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