पहाड़ी कोरवा किशोरी की कुपोषण से मौत, 3 और बीमार, इन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का मिला है दर्जा

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा नगर पंचायत क्षेत्र में 15 साल की पहाड़ी कोरवा (Pahari Korwa) बच्ची की खून की कमी और बुखार से मौत हो गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि परिवार लंबे समय से कुपोषण का दंश झेल रहा है।

By: Ashish Gupta

Updated: 15 Sep 2021, 12:57 PM IST

जशपुर नगर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा नगर पंचायत क्षेत्र में 15 साल की पहाड़ी कोरवा (Pahari Korwa) बच्ची की खून की कमी और बुखार से मौत हो गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि परिवार लंबे समय से कुपोषण का दंश झेल रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा चलाए जा रहे सुपोषण अभियान के रजिस्टर में मृतका सहित परिवार के तीन और बच्चों का नाम शामिल है। बता दें कि पहाड़ी कोरवा को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा हासिल है।

बगीचा नगर पंचायत वार्ड 10 में पहाड़ी कोरवा बस्ती में सनु कोरवा अपने 5 कुपोषित बच्चों के साथ जीवनयापन करता है, जिसमें से एक बच्ची पद्मा सोमवार को कुपोषण से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गई। परिजनों ने बताया कि 15 वर्षीय पद्मा की 4 दिन पहले तबियत अधिक खराब हो गई, जिसका शरीर सूजकर पीला पड़ गया था और उसे सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। रविवार को उसे उल्टी होने लगी और अगले दिन बुखार ने उसे जकड़ लिया।

सोमवार को पीड़ित बच्ची की सांसें तेज चलने लगी। परिजन स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची को बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ आरएन दुबे ने बताया कि बच्ची के शरीर में खून की कमी थी और उसे उल्टी व बुखार की शिकायत थी। यहां लाते तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्ची की मौत के बाद उन्होंने कहा कि वार्डों में स्वास्थ्य टीम भेजकर सघन जांच कराई जाएगी।

सीएमएचओ जशपुर डॉ. पी सुथार ने कहा, संबंधित वार्ड में मेडिकल टीम भेजकर मामले की जांच और अन्य बच्चों की स्वास्थ्य जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग के पास 0 से 1 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों की सुपोषण और देखरेख के तहत सुपोषण की कोशिश की जा रही है।

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