प्रोजेक्ट मॉनिटर पहुंचे कटनी-गुमला सड़क का निरीक्षण करने

प्रोजेक्ट मॉनिटर पहुंचे कटनी-गुमला सड़क का निरीक्षण करने

Anil Kumar Srivas | Publish: Sep, 08 2018 12:55:58 PM (IST) Jashpur Nagar, Chhattisgarh, India

दो दिनों तक कार्य करने के बाद राजमार्ग मंत्रालय को सौंपेगे अपनी रिपोर्ट

पत्थलगांव. कटनी गुमला राजमार्ग की खराब दशा अब राष्ट्रीय स्तर का मुददा बन चुका है। पिछले एक माह से मीडिया व अन्य माध्यम से सड़क की दशा जानने के बाद राष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट मॉनिटर केके राजदान का अपने सहयोगियो के साथ पंहुचे। उनके द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब हालत स्वयं देखते हुए सड़क में चलने वाले राहगीर व वाहन चालको से सौजन्य मुलाकात की। उनके द्वारा ठेकेदार की कमी को जानने के बाद उसके कार्य करने मे अनेक प्रकार की खामियां भी निकाली। केके राजदान का कहना था कि बगैर मापदंड व संसाधनो के सड़क मार्ग को खोद दिया जाना बेहद दुर्भाग्य पूर्ण रहा। उनके द्वारा बारिश खत्म होने के बाद सड़क मार्ग का काम बेहद तेज गति से चालू होने का आश्वासन भी दिया। पत्रिका से चर्चा करने के दौरान उनके द्वारा बनाई गई रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग के उच्च मंत्रालय को सौंपे जाने की बात कही। उनका कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय से सड़क के लिए पुन: आबंटन होकर नई सड़क का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा। पिछले दो माह से बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बेहद खराब हो जाने के कारण अब वाहन चलना तो दूर पैदल चल पाना भी दुभर हो गया है। जिसके कारण लोग गांव की ओर से गुजरी सड़क मार्ग का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
नहीं हुआ काम : राष्ट्रीय राजमार्ग 43 मे पत्थलगांव से लेकर कांसाबेल तक की सड़क में घुटने से भी उपर का कीचड जमा हो जा रहा है। शासकीय महाविद्यालय से लेकर लुड़ेग तक की सड़क का बेहद बुरा हाल है। यहां के लोगो ने राष्ट्रीय राजमार्ग के खिलाफ सड़क सत्याग्रह भी निकाला था। लुडेग मे रहने वाले महेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि पत्थलगांव से कुनकुरी तक 350 करोड की परियोजना मे तीन साल समय बिताकर ठेकेदार ने १० फीसदी भी काम पूरा नही किया है।
टापू बन गए हैं गांव : पत्थलगांव से कुनकुरी तक 65 किलोमीटर की दूरी मे लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क का कार्य धीमी गति से चलने के कारण अब बारिश के दिन में इन दोनो शहरो के बीच के गावं टापू बन चुके है। बसें एनएच से ना जाकर ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्यमंत्री सड़क होकर आवागमन कर रही है।
एक दशक से सड़क की दशा खराब : पिछले एक दशक से जिलेवासियों के आवागमन का एकमात्र विकल्प कटनी गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बेहद खराब है। पिछले दो साल पूर्व जीव्हीआर नामक कंपनी से इस सड़क का नवीनीकरण कार्य स्वीकृत हुआ था। लेकिन ठेकेदार के द्वारा दो सालो के अंतराल मे इस मार्ग को दो किलोमीटर भी चलने लायक नहीं बनाया जा सका। अब बरसात के दिनों में ठेकेदार के द्वारा डाली गई सड़क की मिट्टी कीचड़ बन जाने से उसमे तकरीबन प्रत्येक दिन बड़ी वाहनो का जाम लग रहा है। इसके कारण लोगों की परेशानी काफी बढ़ी हुई है।

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