राखी गुरुवार को, बाजार में खरीदारी के लिए लगी है ग्राहकों की भारी भीड़

राखी गुरुवार को, बाजार में खरीदारी के लिए लगी है ग्राहकों की भारी भीड़

Murari Soni | Publish: Aug, 13 2019 11:43:22 AM (IST) Jashpur, Jashpur, Chhattisgarh, India

भाई बहन के प्रेम के त्योहार में नामी कंपनियों ने चॉकलेट के पैक भी उतारे बाजार में

जशपुरनगर. राखी को लेकर बाजार तैयार है। दुकानों में रंग बिरंगी राखियां सज चुकी हैं। इसके अलावा कई कंपनियों ने भाई बहन के प्रेम के इस त्यौहार में चॉकलेट का पैक भी बाजार में उतारा है। जो बहनों के प्यार में मिठास घोलेगा। इस साल राखी में 20 फीसदी तक की महंगाई है।
गुरुवार को रक्षाबंधन है। भाइयों की कलाइयों पर बंधने वाली राखियों की दुकान सज गईं हैं। राखियों की खरीददारी भी शुरु हो चुकी है। समय के साथ साथ राखियों की स्टाइल व लुक में भी चेंजेस आने लगे हैं। बाजार में इस बार आई राखियों में कई नई डिजाइनों की हैं। रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के प्रेम का अटूट पर्व माना जाता है और इस दिन की इंतजार बहन और भाई दोनों को बेसब्री से रहता है। हर बहन चाहती है कि उसके भाई की कलाई में सबसे सुंदर राखी बंधे। इसके लिए बहनें बाजारों में राखियों की खरीदारी करने पहुंचने लगी हैं। बाजार में जहां बच्चों के लिए अपनी पसंदीदा कार्टून कैरेक्टरों से बनी राखियां भी आई हैं। वहीं बड़ों के लिए भी ओंकार, स्वास्तिक और रेशम के धागे के रूप में राखियां उपलब्ध हैं। रेशमी धागों के साथ साथ अब स्टोन वाली राखी, मोतियों की राखी दुकानों में सजी है। नन्हीं बहनों को लुभाने के लिए डोरेमोन, बेनटेन, बाल गणेश, कृष्णा, छोटा भीम व अन्य कार्टून कैरेक्टरों वाली राखियां भी दुकानों में सजी हुई हैं।

मधुर रिश्ते के लिए गिफ्ट भी खास : जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी और मुंह मीठा कराएंगी, वहीं भाई भी उनके लिए कई उपहार देंगे। दुकानदारों के मुताबिक कई नामी कंपनियों ने चॉकलेट के गिफ्ट और सेलिब्रेशन पैक बाजार में उतारा है। मधुर रिश्ते, स्नेह बंधन, मिठाई बंधन जैसे नाम के पैकेट दुकानों में उपलब्ध हैं। जिसकी कीमत 50 से 300 रुपए तक है। इसके अलावा भाई अपनी बहनों को अन्य कई उपहार भी देते हैं, ऐसे उपहारों से भी दुकानें सजी हैं।
पारंपरिक राखियों का क्रेज बरकरार: दुकानों कई डिजाइनों की राखियां तो उपलब्ध हैं, लेकिन फिर भी रेशम की पारंपरिक डोर अन्य राखियों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। बहनों की पहली पसंद अब भी रेशम की डोर ही है। बड़ी उम्र की बहनें अपने उम्रदराज भाइयों के लिए आज भी वही पारंपरिक रेशमी धागे की राखियों को पंसद करती है। इस संबंध में तेली टोली निवासी प्रेमलता साहू का कहना है कि रेशमी डोर की पारंपरिक राखियों का स्थान आज भी कोई दूसरी राखी नही ले सकती है। बताया जाता है कि रेशमी धागा को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

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