पाइप लाइन बिछाने पहले खोद दी पूरी सड़क फिर मरम्मत करना भूले अधिकारी

नगरपालिका से करबला रोड और सन्ना रोड मंदिर तक की सडक पर दोनों ओर हुई थी खुदाई

By: Amil Shrivas

Published: 10 Feb 2018, 01:01 PM IST

जशपुरनगर. जिला मुख्यालय जशपुर में दो वर्ष पूर्व नए जल प्रदाय योजना के लिए मेन पाईप लाईन और सप्लाई लाईन बिछाने के लिए सारे शहर में बनी बनाई सड़क के दोनो ओर पक्की सड़क को खोद कर पाईप लाईन तो बिछा दी गई पर पूरे शहर में इसके बाद से सड़के बदहाल हो गई और शहर के लोगों के लाखों कोशिशों के बाद भी शहर की सड़कों में हुए गड्ढों को भरा नहीं जा सका।
शहर की सड़कें नगरपालिका के अधीन हैं और इन सड़कों में गड्ढे खोदकर पाईप बिछाने का काम पीएचई विभाग ने किया था। वहीं पीएचई विभाग का कहना है कि सड़क के मरम्मत के लिए नगर पालिका को राशि दे दी गई है। सड़क मरम्मत का कार्य नगर पालिका के द्वारा ही किया जाना है। इन्हीं दो विभागों के चक्कर में सड़कों की मरम्मत का काम नहीं हो पा रहा है और लोगों को सड़को से उड़ती हुई धूलो से परेशान होना पड़ रहा है।
जशपुर जिले में जिधर नजर उठा के देखिए चारों तरफ जर्जर और बदहाल सड़कें ही नजर आएंगी। इस बदहाली से जिले की ८.५० लाख जनता बेहाल है। बावजूद इसके हालत सुधरती दिखाई नहीं दे रही है। जिला मुख्यालय से रायपुर जाने वाली एनएच-४३ सड़क की हालत हो या फिर जशपुर से झारखंड, गुमला, रांची जाने वाली एनएच हो। सभी की हालत दयनीय है। इसकी बदहाली से बेहाल जनता ने मामले को जिला कोर्ट तक पहुंचाकर इंजीनियरों की पेशी लगा दी फिर भी सड़क चलने के लायक तक नहीं बनाई गई। यही हाल जिला मुख्यालय के नगरपालिका क्षेत्र के सड़कों का है। इस संबंध में नगर की सड़कों को खोदकर पाईप बिछाने वाले पीएचई विभाग का कहना है कि विभाग ने नगरपालिका की सड़क को हुए नकसान की क्षतिपूर्ति की राशि उसने नगरपालिका को दे दी है और सड़क बनाने का काम नगरपालिका का है, पर नगरपालिका सड़कों की मरम्मत को लेकर उदासीन है।
नगरपालिका के सामने की सड़क से उड़ रही धूल
शहर के सन्ना रोड़ से जैन मंदिर और बिरसामुंडा चौक से करबला रोड़ जाने वाली सड़क की हालत बेहद ही चिंताजनक है। लगभग १० साल से भी अधिक समय पहले बनी यह सड़क वर्तमान में अपनी दुर्दशा की गाथा गा रही है। इसी सड़क से होकर सरहूल मैदान में होने वाले समारोह में शामिल होने आला नेता जाते हैं। नगर पालिका अध्यक्ष से लेकर नगरपालिका सीएमओ भी उक्त सड़क को रोजाना देखते हैं, बावजूद इसके इसे ठीक करने और नया निर्माण करने की ओर कोई सार्थक पहल नहीं की गई। बारिश की वजह से यह सड़क चलने योग्य भी नहीं रह गई है। एक फिट गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से लोगों का सफर करना मुहाल हो गया है। इसकी मरम्मत और नए सिरे से निर्माण के लिए कई बार जनता के द्वारा मांग किए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिला मुख्यालय से लेकर विकासखंडों तक बनी सड़कों की हालत बेहद ही दयनीय है।
मरम्मत के लिए जारी की जा चुकी है राशि- शहर में पाईप लाईन बिछाने के लिए सड़क के दोनो ओर गड्ढे कर पाईप लाईन का विस्तार किया गया है। इस दौरान पाईप लाईन बिछा कर उसे मिट्टी से ढक दिया गया था। सड़को की मरम्मत के लिए नगर पालिका ने पीएचई विभाग को मरम्मत के लिए १२ लाख रुपए का डिमांड बना कर भेजा था। नगर पालिका के डिमांड पर पीएचई ने १५ मार्च २०१६ में मरम्मत के लिए नगर पालिका को १२ लाख रुपए की राशि जारी कर उन्हें दे दी थी। जिसके बाद नगर पालिका के द्वारा शहर के कई हिस्सों में सड़को के मरम्मत का कार्य तो कर दिया गया, लेकिन शहर के करबला रोड़, नगर पालिका के सामने, सन्ना रोड़ जाने वाले मार्ग में भी पाईप लाईन का विस्तार किया गया और वहां के गड्ढ़ों को भरने के बाद नगर पालिका के द्वारा सड़को का मरम्मत नहीं किया गया है। जिसके कारण इन सड़को में दिन भर धूल उड़ते रहता है।
पाईप लाईन बिछाने के बाद नगरपालिका से मरम्मत के लिए १२ लाख रुपए का डिमांड आया था। उनके डिमांड आने पर विभाग के मार्च २०१६ में उन्हें मरम्मत के लिए राशि दे दी गई थी।
सुनील कुमार शुक्ला, कार्यपालन अभियंता, पीएचई
पाईप लाईन बिछाने के बाद सड़को की मरम्मत के लिए शासन से स्वीकृति मांगी गई थी। इसके लिए शासन से स्वीकृति मिल चूकी है और निविदा प्रक्रिया का कार्य चल रहा है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार कुशवाहा, सीएमओ नगरपालिका जशपुर

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