छिलका उतार कर पेड़ों को सूखा रहे हैं तस्कर, सूखने के बाद खुलेआम कर रहे लकड़ी की तस्करी

पेड़ों के सूखने के बाद खुलेआम कर रहे लकड़ी की तस्करी

By: Amil Shrivas

Published: 13 Mar 2018, 12:52 PM IST

अंकिरा. लकड़ी तस्कर अपने मंसुबे पर कामयाब हो रहे हैं। वहीं वन विभाग के द्वारा इन पर कोई नकेल नहीं कसा जा रहा है। क्षेत्र में आए दिन पेड़ों के सुखकर मरने एवं खुलेआम अवैद्य कटाई जोरों पर है। वनपरिक्षेत्र तपकरा के हर गांव में पेड़ों को अप्राकृतिक तौर से मारने उपाए किया जा रहा है। तस्कर पेड़ों के छिलके को छिलकर उतार दे रहे हैं, जिसके कारण कुछ दिनों के बाद पेड़ स्वंय पूरी तरह से सूख जाता है है। पेड़ के पूरी तरह से सूख जाने के बद तस्कर बड़ी आसानी से दिन दहाड़े ऐसे पेड़ो को काट कर उसकी तस्करी कर रहे हैं।
ईंट बनाने के लिए सूखा रहे पेड़ो को- क्षेत्र में अवैद्य ईंट निर्माण करने वाले व्यवसाई बरसात के समय से ही पेड़ के मालिक से सौदा कर लेते हैं एवं पेड़ से छाल निकालने का कार्य शुरू कर देते हैं। ताकि ठीक ईट पकाते समय पेड़ काम आ सके।

इसकेलिए तस्कर फलदार या उपयोगी पेड़ों को भी नजरअंदाज कर देते हैं। क्षेत्र में विशेषकर नकद फसल के रूप में जाना-जाने वाला महुआ पेड़ की संख्या ज्यादा है। इससे किसान हर पेड़ों से प्रतिवर्ष 2-5 हजार रुपए कमा लेता है। वहीं महुआ से गरीबों के खाद्य-पदार्थ एवं इसी पेड़ से दूसरी फसल के रूप में मिलने वाले डोरी से तेल निकालते हैं। जो साग-सब्जी बनाने में उपयोग करने के साथ शरीर में लगाने का उपयोग भी करते हैं। जिससे बाजारों में मिलने वाले केमिकल उत्पादों की अपेक्षा इस तेल का उपयोग ग्रामीण ज्यादा करना पसंद करते हैं। इसके बावजुद इस बहुमूल्य पेड़ों को नजर अंदाज कर तस्कर काटने में नहीं हिचकते हैं।

Prev Page 1 of 2 Next
Amil Shrivas
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned