सामान्य सभा की बैठक का बहिष्कार कर कक्ष से बाहर निकल आए सदस्य

जशपुर जिला पंचायत में हुआ जोरदार हंगामा

By: Saurabh Tiwari

Updated: 20 Sep 2019, 02:30 PM IST

जशपुरनगर. गुरूवार १९ सितम्बर को जशपुर जिला पंचायत में आयोजित समान्य सभा की बैठक का बहिष्कार करते हुए बैठक को छोड़ कर जिला पंचायत के सभी सदस्य बाहर निकल गए, इनमें जिला पंचायत के उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी शामिल थे। गुरूवार को जिला पंचायत के द्वारा आयोजित समान्य सभा की बैठक में जिले के कई मुद्दो को लेकर चर्चा की जानी थी। लेकिन जिला पंचायत अधिकारियों की कार्य प्रणाली के खिलाफ जिला पंचायत के सभी सदस्यों ने सामान्य सभा की बैठक का ही बहिष्कार कर दिया। बैठक में जिला पंचायत के सभी सदस्य और जिला पंचायत सीईओ सहित जिले के सभी अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक का बहिष्कार करने के बाद जिला पंचायत के सदस्यों ने जिला पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए।

गुरुवार को जिला पंचायत में समान्य सभा की बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में शामिल होने के लिए जिला पंचायत के सदस्यों को पूर्व में ही सूचना दे दी गई थी। हंगामा के बाद सदस्यों ने पूर्व में उठाए गए मुद्दो के संबंध में जब जिला पंचायत के अधिकारियों ने उसका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा तो अधिकारी बैठक में पालन प्रतिवेदन को प्रस्तुत नहीं कर पाए। जिसके के बाद बैठक में मौजूद सारे सदस्य जिला पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर बिफर गए। बैठक में हंगामा करने के बाद सभी सदस्य जिला पंचायत से बाहर आ गए। सभी सदस्यों के द्वारा बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले जाने के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी जिला पंचायत के अधिकारियों की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी जताते हुए सदस्यों के साथ खड़े हो गए और बैठक का पूर्ण रुप से बहिष्कार कर दिया। जिला पंचायत सदस्य डॉ. अजय शर्मा, नीलू केरकेट्टा सहित अन्य सदस्यों ने जिला पंचायत के अधिकारियों और वहां की कार्य प्रणाली को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए है। सदस्यों का कहना है कि जिला पंचायत के द्वारा खानापूर्ति करने के लिए समान्य सभा की बैठक का आयोजन किया जाता है। उन्होने बताया कि सदन में किसी भी सदस्य के द्वारा जो भी मुद्दा उठाया जाता है उस मुद्दे पर जिला पंचायत के द्वारा काई काम नहीं किया जाता है। यहां तक कि बैठक में होने वाली चर्चा को रिकार्ड में भी नहीं लिया जाता है और ना ही बैठक में सदस्यों को पालन प्रतिवेदन दिया जाता है। जिला पंचायत सदस्य डॉ. अजय शर्मा ने जिला पंचायत के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप भी लगाया।

शिकायत पर नहीं हो सकी कार्रवाई: गुरुवार बैठक दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुई और मात्र आधे घंटे ही बैठक चल पाई। बैठक शुरू होते ही जिला पंचायत सदस्य डॉ अजय शर्मा ने जिले के ग्राम पंचायत केरसई में लाखों रुपए का गबन और दो वर्षों से लगातार शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठा दिया। उनके द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद अन्य सदस्यों ने जिला पंचायत में सहायक परियोजना अधिकारी शशिकांत गुप्ता के विरुद्ध हुई शिकायतों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं होने का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। इन मुद्दों के सामने आते ही जिले के पंचायतों में भ्रष्टाचार और उनपर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर हो हंगामा शुरू हो गया।

शिकायत पर नहीं हो सकी कार्रवाई: गुरुवार बैठक दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुई और मात्र आधे घंटे ही बैठक चल पाई। बैठक शुरू होते ही जिला पंचायत सदस्य डॉ अजय शर्मा ने जिले के ग्राम पंचायत केरसई में लाखों रुपए का गबन और दो वर्षों से लगातार शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठा दिया। उनके द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद अन्य सदस्यों ने जिला पंचायत में सहायक परियोजना अधिकारी शशिकांत गुप्ता के विरुद्ध हुई शिकायतों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं होने का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। इन मुद्दों के सामने आते ही जिले के पंचायतों में भ्रष्टाचार और उनपर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर हो हंगामा शुरू हो गया।

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