अधपका भोजन परोसा तो कुरूमढोड़ा आश्रम से घर भाग गए ५वीं के दो छात्र

2007 से संचालित इस छात्रावास का अब तक अपना भवन भी नहीं, आंगनबाड़ी में लगता है स्कूल

By: Barun Shrivastava

Published: 24 Jul 2018, 08:08 AM IST

जशपुरनगर. नए शिक्षा सत्र के शुरू होते ही और फिर बारिश के आते ही जिले के आश्रम छात्रावासों में अव्यवस्था और लापरवाही का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीतों दिनों फरसाबहार के कुरूमढोड़ा आश्रम से अधीक्षक के नहीं रहने और वहां के छात्रों को अधपका भोजन देने पर वहां के छात्र दीवार फांद कर रात में ही अपने घर भाग गए थे। वहीं बगीचा विकासखंड के एक आश्रम से २ छात्रों के भाग जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में वहां पदस्थ अधीक्षिका ने अपनी गलती ना मानते हुए इसके लिए प्रशासन को ही दोषी ठहरा रही है। मामला बगीचा विकासखण्ड के कुरुमढोंढा आश्रम की है। इस आश्रम में रहने वाले पांचवीं कक्षा के दो छात्र बीना बताए आश्रम से भाग कर अपने-अपने घर चले गए थे। सोमवार की सुबह १० बजे आश्रम की अधीक्षिका वहां रहने वाले छात्रों के लिए सब्जी खरीदने के लिए कुनकुरी चली गई थी। इसी दौरान मौके का फायदा उठा कर कक्षा पांचवी में पढऩे वाले दो छात्र आश्रम से भाग कर अपने-अपने घर चले गए थे। कुनकुरी से सब्जी खरीद कर अधीक्षिका जब वापस आश्रम में आकर बच्चों की गिनती की तो वहां २ छात्र कम मिले। दो छात्रों के कम होने पर अधीक्षिका ने उनकी पतासाजी शुरू कर दी थी। वहीं अधीक्षिका के द्वारा छात्रों के पतासाजी करने के दौरान यह बात पूरे गांव में फैल गई और गांव में अफरा तफरी मच गई थी। दोनों छात्रों के पतासाजी के दौरान पता चला की एक छात्र नवाटोली का रहने वाला है और एक छात्र दाहिड़ाड का रहने वाला है। दोनो छात्रों ने आश्रम में अधीक्षिका के नहीं होने का फायदा उठाते हुए आश्रम से भाग कर अपने-अपने घर चले गए थे।
आंगनबाड़ी भवन में बैठकर पढ़ रहे छात्र : ढोढरअम्बा पंचायत के अंतर्गत संचालित आदिवासी आश्रम कुरुमढोढा बुनियादी सुविधाओं के आभाव में संचालित हो रहा है। इस आश्रम मेें रहने वाले छात्रों के अध्ययन अध्यापन के लिए बगल में ही एक प्राथमिक शाला स्थित है। लेकिन इस प्राथमिक शाला की स्थिति इतनी दयनीय हो चूकी है कि यहां छात्रों को बैठाकर अध्ययन नहीं कराया जा सकता है। छात्रों को बगल में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बैठाकर अध्ययन कराया जाता है।
अधीक्षिका ने कहा इसके लिए विभाग जिम्मेदार : सोमवार की सुबह आश्रम से दो छात्रों के भाग जाने के मामले में वहां पदस्थ आश्रम अधीक्षिका ने इस मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए इसके लिए विभाग को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। अधीक्षिका सुमित्रा नायक का इस पूरे मामले में कहना है कि आज की घटना के लिए विभाग जिम्मेदार है। वर्ष 2007 से संचालित इस अनुसूचित जनजाति छात्रावास का अब तक भवन नही बन पाया है जिसके चलते यहां बच्चो के रहने की अच्छी व्यवस्था है नहीं हो पा रही है। वहीं अतिरिक्त शाला में छात्रावास संचालित हो रहा है और यहां बाउंड्रीवाल तक नही है फिर भी ऐसे आश्रम में छात्र रहते हैं। उन्होंने कहा कि यहां अब तक विभाग का कोई भी अधिकारी आश्रम को झांकने भी नही आता और जो आते हैं केवल सुनकर चले जाते हैं यहां के समस्याओं के निदान के लिए कोई पहल नहीं करते हैं। आश्रम अधीक्षिका ने बताया कि अधिकारियों को बार बार लिखित मौखिक आवेदन और निवेदन के बाद भी किसी ने आश्रम की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
इस संबंध में जब सहायक आयुक्त एसके वाहने से मोबाईल में बात करने की कोशिश की गई तो उनके द्वारा जवाब नहीं दिया गया।

Barun Shrivastava Editorial Incharge
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