डायरिया की चपेट में आकर दो ग्रामीणों की मौत

डायरिया की चपेट में आकर दो ग्रामीणों की मौत
Two villagers die in diarrhea

Kajal Kiran Kashyap | Updated: 24 Jun 2017, 11:31:00 PM (IST) jashpur,pathalgaon

कलेक्टर व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने किया निरीक्षणबटुराकछार गांव उल्टी-दस्त का फैला है प्रकोप, हास्पिटल का गंदा शौचालय देखकर वृद्ध निकला था बाहर वहीं हो गई मौत

पत्थलगांव. पत्थलगांव के समीपस्थ ग्राम बटुराबहार मे उल्टी दस्त के प्रकोप से दो लोगो की मौत हो गई है। बताया जाता है कि विगत दो दिनो से इस गांव मे उल्टी दस्त का प्रकोप छाये रहने के कारण एक दर्जन से भी अधिक लोगो को यहां के सिविल हास्पिटल मे भर्ती कराया गया है। शुक्रवार की शाम ग्राम बटुराबहार मे उल्टी दस्त के प्रकोप के कारण कई ग्रामीणों की हालत नियंत्रण से बाहर निकल गई थी, उन्हें पत्ािलगांव सिविल हास्पिटल मे भर्ती कराया गया था, जिसमे से दो ग्रामीणो की अब तक मौत हो चुकी है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बटुराबहार के टोंगरीपारा मे इन दिनो उल्टी दस्त का प्रकोप छाया हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तमता के उपस्वास्थ्य केन्द्र मे पदस्थ चिकित्सकों को संबंधित गांव भेजकर वहां शिविर लगाया था, लेकिन डायरिया का प्रकोप उनके ईलाज पर भारी पडा और जिसके कारण वे किसी प्रकार का ग्रामीणो को लाभ नही दे सके। शुक्रवार की शाम बटुराबहार के टोंगरीपारा मे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। जिसके बाद सिविल हास्पिटल मे एक के बाद एक उल्टी दस्त के मरीज पहुंच रहे थे। शनिवार को सुबह यहा पहुंचे जनक राम पिता मुस्तैदी राम एवं सुंदर साय पिता रत्थो राम की मौत का मामला सामने आया है।

शौचालय की गंदगी मौत का कारण
डायरिया की चपेट मे आए वृद्ध जनक राम की मौत शुक्रवार की सुबह अस्पताल से लगे लंझियापारा मौहल्ले मे हुई। बताया जाता है कि उल्टी दस्त से ग्रसित जनक राम को सिविल हास्पिटल मे भर्ती कराया गया था। वह शुक्रवार की सुबह शौच क्रिया जाने के लिए सिविल हास्पिटल के वार्ड से निकलकर शौचालय पहुंचा था। लेकिन हास्पिटल के शौचालय मे गंदगी देखकर वह उसमे नही जा सका और वह सीधे लंझियापारा की ओर मैदान जाने के लिए निकल पडा, पर उल्टी दस्त से शरीर मे अत्यंत कमजोरी रहने के कारण वह खेत मे ही गिर गया, जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। बाद मे इसे अज्ञात व्यक्ति समझकर पत्थलगांव पुलिस ने भी परिजनो को खबर की। शनिवार को आज पता चला की उक्त वृद्ध सिविल हास्पिटल मे अपना ईलाज कराने के लिए भर्ती हुआ था और शौचालय की गंदगी देखकर बाहर शौच क्रिया निपटाने के चक्कर मे उसकी मौत हो गई।

कफन-दफन और इलाज एक साथ
सिविल हास्पिटल मे डायरिया से ग्रसित मरीजो के बीच एक अजीब विडंबना देखने को मिली। शुक्रवार की सुबह लंझियापारा मे डायरिया से ग्रसित मृत जनक राम की पत्नी कुंजो बाई एवं पुत्री बिंदेश्वरी आज सुबह अपने पिता जनक राम का कफन-दफन कर उल्टी दस्त से ग्रसित होकर सिविल हास्पिटल मे ही अपना ईलाज करा रही थी। इस दौरान ये एक ओर अपनी बीमारी से परेशान थी तो दूसरी ओर पिता की मौत के कारण इनके आंखो के आंसू भी नही सूख पाए थे।

आक्सीजन की कमी का लगा आरोप
डायरिया की चपेट मे आकर प्राण गंवाने वाले सुंदर साय के परिजनो का आरोप है कि सिविल हास्पिटल मे मरीज आने के दौरान उन्हे तत्काल आक्सीजन की व्यवस्था करके नही दी गई थी। जिसकी वजह से सुंदर साय की हास्पिटल पहुंचने के बाद मौत हो गई। परिजनो का आरोप था कि सिविल हास्पिटल मे आक्सीजन ना रहने के कारण उचित उपचार नहीं हुआ।

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