30 हजार चंदा एकत्र कर ग्रामीणों ने गांव के बिगड़े हैंडपंप की करवाई मरम्मत

बीते डेढ़ वर्ष से खराब पड़ा था बगीचा क्षेत्र के ग्राम भडिय़ा का हैंडपम्प

By: Barun Shrivastava

Published: 25 Apr 2018, 09:06 AM IST

जशपुरनगर. जशपुर पीएचई विभाग के द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि विभाग के द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपम्पो के साथ-साथ पानी टंकी का निर्माण कराया गया है, ताकि इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्राप्त हो सके और गर्मी के दिनों में इन्हें पेयजल की समस्या जूझना ना पड़े। विभाग के द्वारा यह लगातार दावा किया जाता है कि गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना ना करने पड़े इसके लिए वे पूरी व्यवस्था कर ली है। गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या और हैंडपम्पों के खराब होने की सूचना के लिए बकायदा कंट्रोल रुम की स्थापना भी कई गई है। इस कंट्रोल रुम में हैंडपम्प के खराब होने की सूचना मिलते ही विभाग के द्वारा तत्काल उसका मरम्मत करवा कर दिया जाता है ताकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना ना करने पड़े। लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था का स्थिति बदहाल है और ग्रामीण पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग के सारे दावों की पोल खुल रही है। डेढ़ वर्ष तक गांव का हैंडपम्प खराब रहने और विभाग से शिकायत करने के बाद भी हैंडपम्प का सुधार नहीं होने पर आखिरकार थकहार कर ग्रामीणों ने आपस में ३० हजार रुपए चंदा कर गांव के खराब पड़े हैंडपम्प की मरम्मत करवाई। यह सब जानते हैं की अपने भौगोलिक कारणों से जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी शुरू होते ही पेयजल की समस्या गहराने लगती है और ग्रामीणों को पेयजल के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत भडिय़ा के लोग भी पयेजल की समस्या से जूझ रहे हैं। प्रशासन के द्वारा यहां के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गांव में हैंडपम्प की स्थापना की थी जो हैंडपम्प बीते डेढ़ वर्ष से खराब हो गया था और इस हैंडपम्प से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा था। खराब हुए हैंडपम्प के सुधार के लिए ग्रामीणों ने कई बार शिकायत भी की थी। लेकिन उनके शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
चंदा कर ग्रामीणों ने कराई मरम्मत : ग्राम पंचायत भडिय़ा के ग्रामीणों के द्वारा हैण्डपम्प के खराब होने की जानकारी प्रशासन को देने के साथ साथ इसके मरम्मत के लिए कई बार ध्यानाकर्षण कराया गया। लेकिन डेढ़ साल से भी ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन की के द्वारा हैंडपम्प के मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा था, जिससे यहां के ग्रामीण परेशान हो गए थे। विभाग के द्वारा हैंडपम्प का सुधार डेढ़ वर्ष तक नहीं किए जाने के बाद ग्रामीणों ने एकराय होकर हैंडपम्प के मरम्मत के लिए चंदा करना शुरू किया। भडिय़ा ग्राम के ५० ग्रामीणों ने आपस में ३० हजार रुपए चंदा कर अपने गांव में लगे हैंडपम्प का सुधार कार्य करवाया है। ग्रामीणों के द्वारा चंदे की राशि से हैंडपम्प का सुधार करवाने के बाद अब लोगों को हैंडपम्प से पर्याप्त पानी मिल रहा है।
डेढ़ वर्ष तक मात्र मिलता रहा आश्वासन : बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत भडिय़ा के ग्रामीणों ने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले उनके गांव में लगा हैंडपम्प खराब हो जाने के बाद वे इस हैंडपम्प के सुधार के लिए प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके थे। उनके गुहार लगाने पर डेढ़ वर्ष से मात्र उन्हें हैंडपम्प के सुधार कर दिए जाने का आश्वासन ही मिल रहा था। डेढ़ वर्ष लगातार मिल रहे आश्वासन से यहां के ग्रामीण परेशान हो गए थे। डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय तक उनके गांव का हैंडपम्प की सुधार नहीं हो पाने पर ग्रामीणों ने एकराय होकर आपस में ही चंदा कर हैंडपम्प का सुधार करवा लिया।

Barun Shrivastava Editorial Incharge
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