जल स्तर घटने से गहराया जल संकट, अब लोगों को ढोढ़ी के पानी का ही सहारा

पानी के लिए १ किलोमीटर तक का सफर, बेल महादेव पहाड़ के नीचे बस्ती में गहराया जलसंकट

By: Barun Shrivastava

Published: 24 May 2018, 07:07 AM IST

जशपुरनगर. जिले में पेयजल की समस्या गहराने लगी हैं। कहीं लोगों को पेयजल लाने के लिए आधा से १ किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है तो कहीं लोगों को ढ़ोढ़ी के पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय में भी लोगों को पेयजल की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है कहीं हैडपम्प खराब हैं तो कहीं नलजल योजना के अंतर्गत पाईन लाईन का विस्तार नहीं किया गया है। जिसके कारण लोगों को पेयजल के लिए हैडपम्पों में लाईन लगाना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय के जुरगुम ग्राम पंचायत के लोगों को इन दिनों भीषण पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जुरगुम ग्राम पंचायत के लगभग सभी टोले मोहल्ले में लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। यह ग्राम पंचायत ड्राई एरिया में आने के कारण यहां सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ड्राई एरिया होने के कारण इस क्षेत्र में हैंडपम्प और बोर भी सफल नहीं हो रहे हैं। कहीं कहीं पर हैंडपम्प सफल हो भी जाते हैं तो वह गर्मी के दिनों में जवाब देने लगते हैं, जिसके कारण गर्मी के दिनों में इस ग्राम पंचायत के लोगों को पानी की समस्या के कारण परेशान होना पड़ता है। जुरगुम ग्राम पंचायत में बेल महादेव पहाड़ के नीचे बसे बस्ती के लोगों को पेयजल की समस्या का जूझना पड़ रहा है। बेल पहाड़ के नीचे बस्ती में लगभग ७० से ८० परिवार निवास करते हैं। इन परिवारों को पेयजल मुहैया कराने के लिए पीएचई विभाग के द्वारा बस्ती में एक हैंडपम्प की स्थापना की गई है और इसी हैंडपम्प का उपयोग बस्ती के लोगों के द्वारा पेयजल और अन्य कार्यो के लिए किया जाता है।
पूरे बस्ती के एक ही हैंडपम्प होने के कारण लोगों को इस हैंडपम्प से पानी लेने के लिए लाईन लगाना पड़ता है। ठंड और बरसात के दिनों में यहां के लोगों को पेयजल की उतनी समस्या नहीं होती है जितनी उन्हें गर्मी शुरू होने के साथ शुरू हो जाती है। गर्मी शुरू होते ही भूजल स्तर में गिरावट आने के कारण हैंडपम्प से दिन भर पानी नहीं निकल पाता है। गर्मी के दिनों में इस हैंडपम्प से यदि पानी भरना हो तो लोगों को पानी भरने के बाद कुछ घंटे के लिए हैंडपम्प को छोडऩा पड़ता है जिसके बाद ही फिर से हैंडपम्प से पानी निकल पता है। लगातार हैंडपम्प से पानी नहीं निकलने से यहां के लोगों को पेयजल के लिए हैंडपम्प में लाईन लगना पड़ता है। एक घंटा हैंडपम्प का उपयोग करने के बाद उसे घंटो भर के लिए छोड़ दिया जाता है तब कहीं जाकर फिर से उक्त हैंडपम्प से लोगों को पानी मिल पाता है।
ड्राई एरिया होने के कारण है परेशानी: जिला मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर ग्राम बादरकोना पिछले 20-२२ वर्षो से पेयजल और निस्तारी जल की समस्या से जूझ रहा है। गर्मी के प्रारंभ होते ही यहां की समस्या और बढ़ जाती है। गर्मियों में 2 से 3 किलोमीटर से पानी लाकर प्यास बुझाते हैं। यह क्षेत्र ड्राई एरिया में होने के कारण यहां के लोगों को पेयजल की समस्या से हमेशा जुझना पड़ता है। बस्ती के लोगों ने बताया कि यह ग्राम पंचायत पहाड़ी के नीचे गांव बसे होने के कारण चार माह यहां पानी मिल जाता है। लेकिन उसके बाद जल समस्या से उन्हें दो चार होना पड़ता है। ग्रामीणों को चिंता रहती है कि गर्मी के चार माह कैसे कटेंगे गर्मी के दौरान पयेजल की समस्या से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसी ही स्थिति ग्राम पंचायत जुरगुम के तेतरटोली और हर्राकोना बस्ती की है। इस ग्राम पंचायत में भी पीएचई विभाग के द्वारा ५ हैंडपंपों की स्थापना की गई थी। लेकिन ये सभी हैंडपम्प अभी से ही जवाब दे दिए हैं। इन दोनो बस्ती के लोग पेयजल के लिए कुंओं का सहारा ले रहे हैं या फिर एकमात्र बचे हैंडपंप में लाईन लगा कर पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं। वहीं यहां के लोगों को निस्तारी के लिए लगभग १ किलोमीटर दूर जुरगुम बस्ती में बने एक तालाब का सहारा लेना पड़ता है।

Barun Shrivastava Editorial Incharge
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