गर्मी ने दिखाने शुरू किए तेवर, महसूस की जा रही वाटर एटीएम की जरूरत

पारा 40 के करीब पहुंच चुका

By: Barun Shrivastava

Published: 25 Apr 2018, 08:08 AM IST

जशपुरनगर. जिले में गर्मी की तपिश बढ़ती जा रही है। पारा 40 के करीब पहुंच चुका है।बढ़ती गर्मी में प्यासे यात्री और ग्रामीणों को राहत दिलाने के उद्देश्य से हर साल नगर पालिका के द्वारा शहर के सार्वजनिक स्थानों में प्याऊ की स्थापना की जाती है। लेकिन इस वर्ष नगर पालिका शहर में प्याऊ खोलने में संजिदा नजर नहीं आ रहा है। प्याऊ के साथ-साथ पालिका वाटर एटीएम को भी प्रारंभ करने में अपनी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। जिसके कारण दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को पानी के लिए इधर उधर भटकते हुए देखा जा सकता है। हालांकी कुछ सामाजिक संगठन और स्काऊट गाईट के द्वारा शहर के कुछ स्थानों में प्याऊ की स्थापना की है।
शहर में समाजिक संस्था, पुलिस व आम जनता के द्वारा सार्वजनिक स्थानों में अस्थाई प्याऊ की व्यवस्था की जाती है। लेकिन इस वर्ष गर्मी प्रारंभ होने के बाद भी अधिकांश स्थानों के प्याऊ बंद पड़े हैं। बस स्टैण्ड इलाके में आने वाले यात्री और ग्रामीण पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। होटलों में पानी की भारी किल्लत होने की वजह से सिर्फ पीने के लिए पानी दिया जा रहा है। सफर के दौरान प्यास बुझाने के लिए बोतल में पानी ले जाने वालों को होटल से पानी दिया जा रहा है। बस स्टैण्ड के साथ ही भीड़ भाड़ वाले आसपास के चौक-चौराहों में बने प्याऊ में सूखे की स्थिति व्याप्त है। बस स्टैण्ड में प्याऊ की व्यवस्था होने से रोजाना हजारों यात्रियों को आसानी से नि:शुल्क पानी मिल जाता है।
प्याऊ की देखरेख में उदासीनता : शहर में समाजिक सरोकार के उद्देश्य से लोगों द्वारा स्थाई प्याऊ की व्यवस्था कई स्थानों पर की गई है। लेकिन देखरेख के अभाव में उन प्याऊ की हालत जर्जर होती जा रही है। प्यासों को पानी पिलाने के उद्देश्य से स्थापित किए गए उक्त प्याऊ की देखरेख में उदासीनता बरती जा रही है। जिससे साल के 12 में से लगभग 9 महीने प्याऊ की देख रेख भगवान भरोसे रहती है। और इस उदासीनता की वजह से अच्छे प्याऊ भी जर्जर और अनुपयोगी होते जा रहा है जिसके कारण लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
समाजिक संस्था और स्काऊट की पहल : शहर में समाजिक संस्था रौनियार महिला मंडल के द्वारा समाजिक सरोकार को देखते हुए बस स्टैण्ड में विश्वकर्मा मंदिर के पास मिट्टी का मटका रखकर प्याऊ की व्यवस्था की गई है। इस प्याऊ से बस स्टैण्ड में आने वाले यात्रियों और राहगिरों को कुछ राहत मिल जा रही है। इसी तरह स्काऊट गाईट के द्वारा शहर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कलेक्टोरेट परिसर के सामने बने कांपलेक्स में वाटर एटीएम के बगल में मटका रखकर प्याऊ की स्थापना की गई है। समाजिक संस्था और स्काऊट गाईड के सामने आने के बाद भी नगरपालिका का इस ओर अभी तक कोई ध्यान नहीं गया है और शहर में किसी भी स्थान में प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है।
टेङ्क्षस्टग के चक्कर में बंद है वाटर एटीएम : शहर में वाटर एटीएम लगाने की स्वीकृति मिल जाने के बाद नगर पालिका के द्वारा कलेक्टोरेट परिसर के सामने यात्री प्रतिक्षालय में वाटर एटीएम लगाने की तैयारी शुरू कर दी थी और वहां वाटर एटीएम के लिए शेड़ तैयार कर वहां वाटर एटीएम की मशीन की स्थापना कर दी है। वहीं दूसरे मशीन की स्थापना के लिए नगरपालिका के द्वारा बस स्टैण्ड का चयन किया गया था। लेकिन बस स्टैण्ड में वाटर एटीएम लगाने के लिए उचित स्थान नहीं मिल सका था।

Barun Shrivastava Editorial Incharge
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