जय शाह के मनी लांड्रिंग जांच के लिए आम आदमी का प्रदर्शन

Jyoti Mini

Publish: Oct, 13 2017 02:06:08 (IST)

Jaunpur, Uttar Pradesh, India
जय शाह के मनी लांड्रिंग जांच के लिए आम आदमी का प्रदर्शन

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षअमित शाह के जय शाह के मनी लाड्रिंग मामले को लेकर निष्पक्ष जांच के लिए आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन

जौनपुर. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षअमित शाह के जय शाह के मनी लाड्रिंग मामले को लेकर निष्पक्ष जांच के लिए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी दिया। प्रदेश प्रवक्ता डा0 अनुराग मिश्र ने आरोप लगाया कि, पूरी मोदी सरकार जयशाह को बचाने में मैदान में उतर आई है। जिला सचिव हैदर खान ने कहा कि, प्रधानमंत्री पूरे देश में कौशल विकास योजना चला रहे हैं, लेकिन जयशाह के कौशल के आगे सबका कौशल फेल हो गया है। तभी 2014 में भाजपा सरकार आते ही जयशाह की कम्पनी ने 16 हजार गुणा कमाई कर लिया। संगठन के संयोजक सोमवर्मा ने कहा कि, पूरे देश में व्यापारी, किसान, बेरोजगार दम तोड़ रहे हैं।

नोटबन्दी व जीएसटी से व्यापार चैपट हो गया। मोदी के करीबी गौतम अडानी, मुकेश अम्बानी, बाबा रामदेव, जय शाह कही आमदनी अप्रत्याशित रूप से बढ़ गयी। कामता प्रसाद सिंह ने कहा िकइस बात की जांच होनी चाहिए कि 50 हजार की मालियत वाली कम्पनी एक ऐसी कम्पनी बिना किसी किसी औपचारिकता के 15 करोड़ लोन दे देती है। जिसकी खुद पूरी सम्पत्ति की मालियत सात करोड़ से अधिक नहीं है। अमन यादव, प्रेम चन्द, शिवचन्द, हर्ष वर्धन, संजय गुप्ता, मनीष केसरी, राम सूरत, राजेन्द्र सिंह आदि शामिल रहे।
फोटो 02- कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता।

input- जावेद अहमद

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मैनेजमेन्ट में बस्कूल गेट पर काला झंडा लगाकर विरोध जताया
नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस की अगुवाई में देशभर के करीब 60,000 स्कूलों के साथ जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों के मैनेजमेन्ट, टीचर्स, स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर व स्कूल गेट पर काला झंडा लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस अढ़ रहे सरकारी दखल पर चिन्ता व्यक्त की गई। स्कूलों की सुरक्षा के लिए तैयार की जा रही नीतियों के कारण प्राइवेट स्कूलों में सालों से कार्यरत टीचर्स, प्रिंसिपल और अन्य पदों पर काम कर रही महिला स्टाफ को डरा दिया है। स्कूल में या स्कूल के बाहर कोई भी घटना होने पर टीचर्स, प्रिंसिपल व संचालक जो शायद घटना के वक्त शहर में भी नहीं होता को दोषी मानते हुए केस दर्ज किए जाने की नीति बना दी गई है।

जब इससे भी सरकार का मन नही भरा तो पुलिस वेरीफिकेशन और साइकोमेट्कि टेस्ट करवाने का आदेश जारी कर दिए। टीचर्स के अपाॅइंमेन्ट को लेकर जो नियम बनाए हैं, उससे बेहतर रिजल्ट वाली टीचर्स के तजुर्बे को नजर अंदाज किया जा रहा है, जिससे देशभर में लाखों टीचर्स बेरोजगार हो जाएंगें। सरकार की नीतियों के कारण कई स्कूल बंद हो जायेंगें और जो स्कूल बचेंगे उसमें षिक्षा महॅंगी हो जाएगी। जिले के प्राइवेट स्कूल कम खर्च में गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के कार्य में जुटे हैं, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण वह बनाए जा रहे नियमों को पूरा करने में असमर्थ है और बंद होने की स्थिति में है।

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