यूपी के जौनपुर में बीजेपी विधायक का जलाया पुतला, सड़क किया जाम

यूपी के जौनपुर में बीजेपी विधायक का जलाया पुतला, सड़क किया जाम
बीजेपी

Jyoti Mini | Publish: Sep, 27 2017 06:03:02 PM (IST) Jaunpur, Uttar Pradesh, India

जौनपुर. रामलीला समिति शाहगंज की जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर रहे दबंगों को बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश मिश्रा पर शह देने का नागरिकों ने आरोप लगाया है।

जौनपुर. रामलीला समिति शाहगंज की जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर रहे दबंगों को बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश मिश्रा पर शह देने का नागरिकों ने आरोप लगाया है। जिससे शाहगंज की रामलीला और विजय दशमी पर लगा ग्रहण। बताते हैं कि, भाजपा विधायक के यहाँ नौकरी करता है दबंग आरोपी। इसी मामले को लेकर वाराणसी- फैजाबाद मार्ग पर स्थित कोतवाली चैक पर कई घंटे से नागरिकों ने रोड जाम किया। सड़क के दोनों तरफ लगी वाहनों की लंबी कतारे लग गयी।


शाहगंज में रामलीला समिति के विपक्ष में भाजपा विधायक ही खड़े नजर आ रहे हैं। रामलीला समिति की मांगों के बाबत मैदान में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए दीवार खड़ा करने के मामले में एक भाजपा विधायक रामलीला समिति के विपक्षी पक्ष की पैरवी कर दीवार न खड़ा करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया है।

 

इसी दोहरे चरित्र से क्षुब्ध रामलीला समिति के पदाधिकारियों एवं जनता ने उक्त भाजपा विधायक का पुतला फूंक विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन भी मौके की नजाकत भांपते हुए सारा ठीकरा रामलीला समिति पर ही फोड़ दिया। शाहगंज कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला की 185 साल पुरानी परम्परा को अपनी अकड़ और जिद के चलते तोड़ देने वाले प्रशासन ने इसका ठीकरा समिति के नेतृत्वकर्ताओं पर फोड़ दिया है।

 

 

जिलाधिकारी को सौंपे गये जवाब में एडीएम वित्त एवं राजस्व ने कहा है कि समिति के अध्यक्ष ने आगामी निकाय चुनावों के मद्देनजर अपनी राजनीति चमकाने के लिये अडंगा लगाया। जिससे रामलीला निर्धारित तिथि से एक दिन बाद शुरू हुई। जवाब में एडीएम ने ये भी कहा है कि निर्धारित तिथि को रामलीला कराने की मुकम्मल तैयारी भी नहीं थी।

 

प्रशासन के इस रवैये से समिति के पदाधिकारी क्षुब्ध हैं। ज्ञात हो कि कि शाहगंज की रामलीला अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी को शुरू होती रही है। निर्धारित तिथि को लीला शुरू कराने की तैयारी पूरी थी। तभी एक पुराना विवाद फिर से सामने खड़ा हो गया। रामलीला मैदान में अवैध अतिक्रमण करने वालों पर समिति ने मेले की तैयारियों को रोकने का आरोप लगाया। समिति ने जनपद दौरे पर आये उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को पत्रक देकर नगर के मुृख्य मार्ग की जर्जर सड़क बनवाने, बिजली आपूर्ति सही करने, अवैध अतिक्रमण स्थायी तौर पर हटवाने, मैदान में बाउंड्री वाल लगवाने और मौजूदा प्रशसनिक अधिकारियों को स्थानान्तरित करने की मांग रखी। इस संबंध में एडीएम और एएसपी के नेतृत्व में बातचीत भी हुई लेकिन बेनतीजा रही। इसी बैठक के दौरान एडीएम ने गलतबयानी कर दी और कहा कि रामलीला हो या न हो, उनसे मतलब नहीं है।

 

लेकिन वो मैदान की बाउंड्री नहीं बनवायेंगे। इससे समिति के लोग भड़क गये और दुद्धी लुम्बिनी राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। बाद में एक और वार्ता में दोनों पक्षों की सहमति बनी और प्रशासन ने 4 अक्टूबर तक दीवार बनवाने का वादा किया। उसके बाद जाकर निर्धारित तिथि से एक दिन बाद रामलीला शुरू हो सकी। आश्वासन के करीब हफ्ते भर बाद भी न तो सड़क ठीक कराई गई और ना ही बिजली आपूर्ति। जिसे लेकर जनता में प्रशासन के प्रति बेहद आक्रोश है।

input- जावेद अहमद

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