धनंजय सिंह की मुश्किल बढ़ी, पुलिस ने घर पर चस्पा किया नोटिस, अजीत सिंह हत्याकांड में हैं फरार

बीते छह जुलाई को लखनऊ में सीजेएम कोर्ट ने धनंजय सिंह के खिलाफ (Dhananjay Singh) जारी किया धारा 82 का आदेश।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

जौनपुर. भगोड़ा घोषित होने के बाद पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) की मुश्किलें बढना शुरू हो गई हैं। उनकी तलाश कर रही लखनऊ की पुलिस ने जौनपुर (Jaunpur) स्थित धनंजय सिंह के पैतृक आवास पर धारा 82 का नेाटिस (Act 82 Notice) चस्पा कर दिया है। धनंजय सिंह लखनऊ में हुए अजीत सिंह हत्याकांड (Ajit Singh Murder Case) मामले में साजिशकर्ता के रूप में आरोपित हैं। इसके पूर्व छह जुलाई को कोर्ट ने धनंजय को भगोड़ा घोषित (Dhananjay Singh Fugitive Declared) कर उनके खिलाफ धारा 82 का आदेश जारी किया था।


कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लखनऊ (Lucknow) के विभूतिखंड थाने की पुलिस रविवार को जौनपुर जिला के सिकररा था क्षेत्र के बनसफा गांव स्थित धनंजय सिंह के पैतृक आवास पहुंची। विभूतिखंड थाना के एसआई पवन सिंह पुलिस टीम के साथ सिकरारा थाने पहुंचे और वहां से थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार दुबे व फोर्स को साथ लेकर कार्रवाई की। धनंजय के घर पर धारा 82 का नोटिस चस्पा कर दिया गया है।


बताते चलें कि धनंजय सिंह पर लखनऊ में हुए अजीत सिंह हत्याकांड में साजिश रचने और हत्यारों की मदद करने का आरोप है। इस मामले में फरार चल रहे होने के चलते कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया है। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दिबश दे रही है अैर छापमारी कर रही है।


फरार चल रहे पूर्व सांसद धनंजय सिंह को कोर्ट भगोड़ा घोषित कर चुकी है। बीते मंगलवार 6 जुलाई को लखनऊ में सीजेएम रवि कुमार गुप्ता की कोर्ट ने धनंजय को भगोड़ा घोषित करते हुए उनके खिलाफ धारा 82 का आदेश जारी किया था। अगर एक महीने के भीतर पूर्व सांसद कोर्ट में सरेंडर नहीं करते हैं तो उनकी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी हो सकता है।


विवेचक व प्रभारी निरीक्षक विभूति खंड चंद्रशेखर सिंह की अर्जी में कहा गया था कि विवेचना के दौरान पता चला कि धनंजय सिंह ने हत्याकांड में मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होंने अन्य आरोपियों की मदद भी की है। इसके बाद से तलाश की जा रही है, लेकिन वह फरार हैं।


दरअसल बीते 6 जनवरी की शाम विभूति खंड स्थित कठौता चौराहे पर सरेआम गोलियां बरसाकर अजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इसमें उसका साथी मोहर सिंह और एक राहगीर आकाश यादव भी घायल हुए थे। मोहर सिंह की तहरीर पर आजमगढ़ (Azamgarh) के अखंड सिंह व कुंटू सिंह, शूटर गिरधारी सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। तब से पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।
By Javed Ahmad

रफतउद्दीन फरीद
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