बोले जिलाधिकारी, नई पीढ़ी की सोच बदलने के लिए परिषदीय शिक्षा मे बदलाव की जरूरत

जिले के परिषदीय स्कूलों मे शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए जिला प्रशासन अपने शिक्षकों को लगातार प्रेरित कर रहा है

By: Ashish Shukla

Published: 25 Apr 2018, 08:00 AM IST

कौशांबी. जिले के परिषदीय स्कूलों मे शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए जिला प्रशासन अपने शिक्षकों को लगातार प्रेरित कर रहा है| इसी क्रम मे कडा बीआरसी में "सृजन" शैक्षिक उन्नयन कार्यशाला का आयोजन किया गया| कार्यशाला मे ब्लॉक के सभी न्याय पंचायतों के चुनिन्दा शिक्षकों ने प्राइमरी स्कूलों मे शिक्षण की नई तकनीकी के लिए मॉडल प्रदर्शनी लगाया| मॉडल प्रदर्शनी का उदघाटन जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया|

प्रदर्शनी मे शिक्षकों ने नवाचार तरीके से छात्र/छात्राओं को पढ़ने के लिए मॉडलों को लगाया था| शिक्षकों ने जिलाधिकारी को अपने अपने माडल के जरिये बताया की वह किस तरह शिक्षा को नई विधा से रोचक तरीके से अध्यापन का काम करेंगे| मॉडल मे जल संरक्षण, यातायात नियमों का पालन, पर्यावरण संरक्षण जैसे मॉडल प्रदर्शनी मे दिखाया| कार्यशाला को संबोधित करते हुये जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि आज की पीढ़ी की सोच बदलने के लिए परिषदीय स्कूलों को और अधिक बेहतर बनाना जरूरी| प्राइवेट स्कूलों की शिकायते लेकर लोग उनसे मिलते है , इसलिए उनका कहना है कि परिषदीय स्कूलों मे बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली तमाम सुविधाओं से लाभान्वित करते हुये बेहतर शिक्षा दी जा सकती है|

डीएम ने बताया कि उन्होने खुद सरकारी स्कूलों मे शिक्षा ग्रहण करते हुये आई ए एस तक का मुकाम हासिल किया है| डीएम ने प्रदर्शनी मे बेहतर मॉडल प्रस्तुत करने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया| इस मौके पर शिक्षकों ने भी परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक गुणवत्ता पूर्वक बनाने का संकल्प लिया|

सबको करना होगा प्रयास

जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा में सुधार करना एक गंभीर मसला है ऐसे में इसके उत्थान के लिए हर किसी को सोचना होगा। शिक्षा से ही देश के बेहतर भविष्य की परिकल्पना की जा सकती है। समाज के समृद्द लोग और जागरूक लोगों को साथ आकर शिक्षा में बदलाव के लिए बड़े कदम उठाने होंगे।

 

Ashish Shukla
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