धरती का सीना चीर जमकर अवैध खनन कर रहे माफिया

अवैध खनन के कारोबार में लिप्त लोगों पर कार्रवाई करने के बजाए पुलिस व प्रशासनिक अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे है

By: Ashish Shukla

Published: 09 Dec 2017, 11:49 PM IST

जौनपुर. शासन-प्रशासन के आदेशों को धता बताते हुए खनन माफिया धरती का सीना छलनी करने से बाज नहीं आ रहे। अवैध खनन के कारोबार में लिप्त लोगों पर कार्रवाई करने के बजाए पुलिस व प्रशासनिक अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे है। जिले के सभी क्षेत्रों में अवैध खनन का कारोबार बदस्तूर जारी है।

 

इसमें पुलिस मोटी रकम डकार रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरमान जारी किया था कि अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। कई माह पूर्व बदलापुर की एसडीएम ममता मालवीय ने अवैध खनन के मामले में दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियों को व जेसीबी सीज किया था। खनन में प्रयुक्त जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राली किसकी थी, इसका खुलासा पुलिस नहीं कर सकी।

इसके बाद पुलिस की सांठ गांठ कर खनन माफिया फिर धरती का सीना चीरने में जुट गए। बताते हैं कि जिले में 455 अवैध ईट भट्टे चल रहे है जिनके पास प्रदूषण विभाग का लाइसेन्स नहीं है। वे जेसीबी से दिन रात खुदाई कर रहे है। इनसे पुलिस मनमानी रकम वसलूी रही है।

 

सूत्रों के अनुसार पुलिस की मनमानी का आलम यह है कि सिकरारा में थानाध्यक्ष प्रति जेसीबी 20 हजार वसूल कर उन्हे क्लन चिट देकर मनमानी वसूली की खुली छूट दे रहे है। यही हाल अन्य क्षेत्रों का है पुलिस और 100 नम्बर जेसीबी का पकड़ कर अपनी जेब गरम कर रही है।

 

सभी उपजिलाधिकारियों को मुख्य मंत्री के निर्देश की चिन्ता नहीं है और वे अवैध खनन की ओर देखना गवारा नहीं करते। अधिकारी करते है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। राजस्व निरीक्षक से रिपोर्ट लेकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पर ये तो साफ दिख रहा है कि योगी सरकार में भी यूपी में खनन माफियाओं पर पूरी तरह से लगाम नहीं कसी जा सकी है।

Ashish Shukla
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