झूठे हैं जौनपुर में विकास के दावे, सांसदों ने अधिकारियों को लगाई फटकार

झूठे हैं जौनपुर में विकास के दावे, सांसदों ने अधिकारियों को लगाई फटकार
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अनुश्रवण समिति की बैठक में अधिकारी नहीं दे पाए विकास कार्यों का ब्योरा

जौनपुर. शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में सांसद केपी सिंह, राम चरित्र निषाद ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। सांसदोें द्वारा मांगी गई विकास संबंधी एक भी जानकारी अधिकारियों के पास मौजूद नहीं थी। अधिकतर तो बगले झांकते रहे। न ही इंदिरा आवास पूरा मिला और न ही पात्रों को पेंश नही ठीक तरह से मिल रही थी। सासंदों ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द अधूरे कार्यों को पूरा कराएं।

बैठक शुरू हुई तो जिले में विकास के दावों की एक के बाद एक पोल खुलती गई। अध्यक्षता कर रहे सांसद केपी सिंह और रामचरित्र निषाद ने डीएम की मौजूदगी में पिछले वित्तीय वर्ष में हुए विकास कार्य और योजनाआें की समीक्षा शुरू की तो अधिकारियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। पिछले वित्तीय वर्ष में 8784 इंदिरा आवास बनाए जाने थे। समीक्षा की गई तो पता चला कि महज 2494 आवास ही बनाए जा सके हैं। 6290 आवास अब भी अधूर लटके हैं। पीएमजीएसवाई के तहत 97.34 किलो मीटर 12 सड़कें बनाई जानी थीं। लेकिन महज आठ सड़क को ही बनाया जा सका। राज्य स्तर पर 3473 पात्र पेंशनधारकों की पेंशन रूकी हुई पाई गई। सांसदों ने जल्द ही अधूरे काम कराए जाने की बात कही। 

सांसद केपी सिंह ने डीपीआरओ से स्वच्छता मिशन के तहत शौचालयों की जानकारी मांगी तो वो हक्का बक्का रह गए। न तो उनके पास कोई आंकड़े थे और न ही मीटिंग में आने की तैयारी। डीपीआरओ ने बेतुका सा जवाब दिया कि शौचालयों की संख्या संबंधित जानकारी वाली फाइल कार्यालय में ही छूट गई है। संख्या भी याद नहीं है। इतना सुनते ही दोनाें सांसद बिफर पड़े। डीएम ने भी डीपीआरओ के इस रवैये पर नाराजगी जाहिर की। डीएम ने अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए गांवों में शौचालय की संख्या पूछा तो डीपीआरओ चूरनराम इधर उधर बहकाने लगे। वही हाल बिजली विभाग का भी रहा। 

एक्सईएन से पिछले साल योजना के तहत लगने वाले खंभे और तार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी कागजात नहीं होने का बहान चिपका दिया। मत्स्य पालन विभाग पात्रों की सूची नहीं बना पाया था। सांसद रामचरित्र निषाद ने इस बात पर अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। ये भी चेतावनी दी कि अगली बार चिट्ठी भेजें तो उनके नाम के व्याकरण की शुद्धि के साथ भेजें। जल निगम के जेई एएमआई अंसारी को भी शिथिलता बरतने पर फटकार लगाई गई। कई सड़कों के काम पूरा नहीं होने पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को चेतावनी दी गई। बैठक में एमएलसी वीरेंद्र चैहान, बृजेश सिंह , विधायक प्रतिनिधि जीशान हैदर, दीपचंद राम, पुष्पा शुक्ला, शिमला नंदन यादव समेत लोगों ने अधिकारियों से उनके क्षेत्र में कराए गए कार्यों के बारे में पूछा। अधिकारी एक का भी जवाब नहीं दे सके।  
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