जौनपुर में हाइवे पर घूम रही मौत, सहमें लोग

हादसे दर हादसे का शहर बना जौनपुर

जौनपुर. वाराणसी-जौनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था नहीं सुधरी। इस मार्ग पर आगे ही नहीं पीछे भी देखकर चलने की जरुरत है। यदि आप सावधान होकर नहीं चलते तो पीछे से आ रहा तेज रफ्तार वाहन आप को हादसे का शिकार बना देगा।
 
राजमार्ग पर वैसे तो कई हादसे हो चुके हैं। परिवार के साथ जा रहे अधिकारी भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। वे वाराणसी जा रहे थे। कोड़री फाटक(सिरकोनी) बाजार के पास आगे एक ट्रक के रूकने पर जैसे ही ब्रेक लिया पीछे से आ रही.ट्रक ने कार को टक्कर मारते हुए अगली ट्रक में घुसा दिया। पत्नी को तो कुछ ही देर बाद निकल लिया गया लेकिन अधिकारी की उसमें फंस कर मौत हो गई। कई घंटे बाद जेसीबी से कार को निकाला गया तो उनका शव निकला। इसके अलावा भी पैदल व बाइक से चलने वालों को पीछे से आ रहे वाहन उड़ा चुके हैं।

पुल पर सेफ्टी वाल और मजबूत रेलिगं की आवश्यकता

 वर्ष 2012 मे पुल की रेलिगं तोड़ अंतिम संस्कार से लौट रहा वाहन नीचे गिर गया। हादसे में 14 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद से ही पुल पर सेफ्टी वाल और मजबूत रेलिंग की जरूरत महसूस होने लगी। प्रशासन ने कुछ दिन तक तो इस विचार किया लेकिन बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया तो हादसे होते रहेंगे।


सिर्फ दोपहिया वाहनों की होती है चेकिंग


राजमार्ग पर पुलिस सिर्फ दोपहिया वाहनों की ही चेकिंग करती है। फर्राटा भरती कार व भारी वाहनों को कभी चेक नहीं किया जाता। जबकि हादसों की बड़ी वजह यही बनते हैं। कई बड़े ट्रेलर व ट्रक ऐसे भी गुजरते हैं रात के समय जिनकी साइड व पीछे की लाइट नहीं जलती। कोहरे के समय दूसरे वाहन इनकी चपेट में आ जाते हैं
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Ashish Shukla
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